95 निजी शौचालयों में लाखों की हेराफेरी का आरोप

बांदा। नरैनी विकास खंड के ओडीएफ ग्राम पंचायत बिल्हरका में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में हेराफेरी सामने आई है। वर्ष 2016-17 में 95 लाभार्थियों के शौचालय नहीं बने और 14 लाख 66 हजार रुपये निकाल लिए गए। लाभार्थियों का आरोप है कि तत्कालीन प्रधान व सचिव की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा यह राशि निकाली गई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत बिल्हरका के रानीपुर, भांवरपुर, गोडापुरवा, बिदुआ पुरवा में 95 लाभार्थियों को व्यक्तिगत शौचालय आवंटित किए गए थे। अब तक एक भी शौचालय नहीं बने। हर लाभार्थी को दिए जाने वाले 12 हजार रुपये मिलीभगत से निकाल लिए गए। लाभार्थियों का आरोप है कि तत्कालीन प्रधान व सचिव और ठेकेदार की मिलीभगत से घपला हुआ। लाभार्थी सबल सिंह, बंदर, भोंदू, फत्तू, रामआसरे, चुनवाद, मइयादीन, हर प्रसाद व बड़े सेन का कहना है कि उस समय शौचालय निर्माण की राशि लाभार्थी के सीधे खाते में नहीं जाती थी। ग्राम पंचायत द्वारा नामित ठेकेदार शौचालय निर्माण कराता था। आरोप लगाया कि ठेकेदार ने लाभार्थियों की राशि निकाल ली, लेकिन शौचालयों का निर्माण नहीं कराया। मौजूदा प्रधान और सचिव से शौचालय निर्माण के लिए कहा तो उनका कहना है कि 2016-17 में उनके शौचालय बनाए जा चुके हैं। अब दोबारा शौचालय नहीं मिलेगा। ग्रामीण आज भी खुले में शौच जाने को मजबूर है। खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उधर, क्षेत्रीय विधायक राजकरन कबीर का कहना है कि शासन की योजनाओं का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। वहीं, जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार का कहना है कि मामला पुराना है, फिर भी मामले जांच कराई जाएगी। सीडीओ वेद प्रकाश मौर्या ने टीम गठित कर जांच की बात कही है।