आयुष्मान 2.0 अभियान 16 सितंबर से 30 सितंबर, 2021 तक -डीएम

गोंडा।  जिलाधिकारी श्री मार्कंडेय शाही ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में "आपके द्वार आयुष्मान" 2.0 अभियान के संबंध में मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि आयुष्मान 2.0 अभियान आगामी 16 सितंबर से 30 सितंबर, 2021 तक चलाया जायेगा।उन्होंने वैक्सीनेशन अभियान में मीडिया द्वारा दिए गए सहयोग के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान में भी मीडिया से अपेक्षित सहयोग की अपील जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में इस योजना के अंतर्गत कुल-205735 लाभार्थी परिवार हैं। जिसमें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 200559 तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में 5176 लाभार्थी परिवार हैं।अब तक लगभग 240000 आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। 10 मार्च, 2021 से 24 मार्च, 2021 तक आपके द्वार आयुष्मान अभियान चलाया गया था, जिनमें लगभग 73000 लाभार्थियों का सत्यापन किया गया। इस अभियान से जनपद गोंडा सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड जारी करने वाले जनपदों में तृतीय स्थान पर रहा। जनपद में अभी भी 85098 लाभार्थी परिवार ऐसे हैं जिनके एक भी सदस्य का आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका है। ऐसे परिवारों को लक्षित करके आपके द्वार आयुष्मान 2.0 अभियान दिनांक 16 सितम्बर 2021 से 30 सितम्बर 2021 तक चलाया जायेगा। अभियान में अन्य अंर्तविभागीय समन्वय स्थापित करते हुए ग्राम पंचायतवार कैम्प लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाये जायेंगे।आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूर्णत: निःशुल्क होगी। पूर्व में लाभार्थी को रू.30 का शुल्क देना पड़ता था।

मा० मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अधीन जनपद में 22576 भवन एवं संनिर्माण में संलग्न पंजीकृत श्रमिकों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान में शामिल किया गया है। इनके भी आयुष्मान कार्ड इस अभियान में बनाये जायेंगे। *अब तक लगभग 1700 श्रमिकों के आयुष्मान कार्ड बनाकर जनपद गोंडा प्रदेश में द्वितीय स्थान पर है। जिलाधिकारी ने बताया कि र्को लाभार्थियों को कैम्प की सूचना आशा द्वारा बुलावा पर्ची के माध्यम से दी जायेगी। लाभार्थियों की सूची ग्रामपंचायतों में चस्पा की जाएगी। माइकिंग के द्वारा भी प्रचार - प्रसार किया जायेगा। लाभार्थियों को अपने साथ पी०एम० लेटर/सी०म० लेटर/ राशन कार्ड/ श्रमिक पंजीकरण तथा आधार कार्ड लाना होगा। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत चिन्हित लाभार्थी परिवार को गंभीर रोगों की चिकित्सा हेतु 5 लाख प्रति वर्ष निःशुल्क सहायता प्रदान की जाती है। जनपद गोंडा में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कुल 8 निजी तथा 19 सरकारी अस्पताल चिन्हित हैं।