पीएम किसान सम्मान निधि योजना के 2 करोड़ से अधिक किसानों की किस्त लटकी, जानें क्या है वजह

नई दिल्ली : मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक पीएम किसान सम्मान निधि योजना से करीब 12.14 करोड़ किसान अब तक जुड़ चुके हैं। इसकी 9वीं किस्त मोदी सरकार दे चुकी है और अगस्त-नवंबर 2021 की 2000 रुपये की किस्त 10 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पहुंच चुकी है। वहीं, पीएम किसान पोर्टल पर 31 अगस्त तक दिए गए आंकड़ों की बात करें तो करीब  2 करोड़ से अधिक किसानों की किस्त भी लटक गई है।

क्योंकि पीएम किसान पोर्टल पर 2.68 करोड़ से अधिक किसानों का पेमेंट राज्य सरकारों द्वारा रोक दिया गया है। वहीं करीब 31 लाख किसानों का ओवदन PFMS द्वारा पहले ही लेवल पर रिजेक्ट किया जा चुका है। बता दें सरकार अपात्र किसानों पर अपनी नकेल कस रही है। इस वजह से लिस्ट में से ऐसे किसानों को हटाया जा रहा है। 

Period Wise लाभार्थी किसानों की संख्या

अगस्त-नवंबर 2021-22  : 10,11,89,112

अप्रैल-जुलाई 2021-22  : 11,08,95,374

दिसंबर-मार्च 2020-21  : 10,23,21,703

अगस्त-नवंबर 2020-21  : 10,22,78,485

अप्रैल-जुलाई 2020-21  : 10,49,25,227

दिसंबर-मार्च 2019-20  : 8,95,65,531

अगस्त-नवंबर 2019-20  : 8,76,18,436

अप्रैल-जुलाई 2019-20  : 6,63,17,718

दिसंबर-मार्च 2018-19  : 3,16,07,334

क्यों रुकती है किस्त

बता दें कई राज्यों में फर्जी किसान भी इस योजना का लाभ ले रहे थे, जिसके बाद सरकार ने ऐसे किसानों से रिकवरी करना शुरू कर दिया था। गलत तरीके से किस्त उठाने वाले तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के आयकारदाता किसानों से सबसे ज्यादा पैसे की वसूली की गई है। माना जा रहा है कि रिकवरी के डर से कई राज्यों में फर्जी एंट्री करने वाले किसानों ने अपने नाम हटा लिए हैं, जबिक लाखों किसानों को उनके गलत डेटा के कारण पोर्टल से हटा दिया गया है। पिछले दिनों खुद कृषि मंत्री ने सदन में बताया था कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश भर में 42 लाख से अधिक अपात्र किसान लाभ ले रहे हैं।

इस वजह से भी लटक जाती है किस्त

किसान का नाम ENGLISH में होना जरूरी है  वहीं, जिन किसानों का नाम अप्लीकेशन में हिंदी में है उन्हें संशोधन जरूरी है। अप्लीकेशन में आवेदक का नाम और बैंक अकाउंट में आवेदक का नाम अलग-अलग होने से भी पेमेंट लटक जाता है। इसके अलावा IFSC कोड, बैंक अकाउंट नंबर और गांव के नाम लिखने में अगर गलती हुई है तो आपकी किस्त आपके खाते में नहीं आएगी। DATA में करेक्शन के लिए किसान को अपने ब्रांच जा कर बैंक में अपना नाम आधार और अप्लीकेशन में दिए गए नाम के अनुरूप करना होगा। इन त्रुटियों में सुधार के लिए आधार सत्यापन जरूरी है। आधार सत्यापन के लिए किसान अपने निकटतम CSC/वसुधा केंद्र/ सहज केंद्र से संपर्क करें।

अगर अप्लीकेशन के बाद भी आपके बैंक अकाउंट में पैसे नहीं आए हैं तो अपना रिकॉर्ड चेक कर लें कि कहीं उसमें गलती तो नहीं है। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है बल्कि आप घर बैठे अपने मोबाइल से ही ठीक कर सकते हैं, अगर आपने पीएम किसान ऐप डाउन लोड किया है तो गलतियां सुधारना और भी आसान है। आइए जानें कैसे करें इन गलतियों को ठीक...

PM-Kisan Scheme की ऑफिशियल वेबसाइट (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएं। इसके फार्मर कॉर्नर के अंदर जाकर Edit Aadhaar Details ऑप्शन पर क्लिक करें।

आप यहां पर अपना आधार नंबर दर्ज करें। इसके बाद एक कैप्चा कोड डालकर सबमिट करें।

अगर आपका केवल नाम गलत होता है यानी कि अप्लीकेशन और आधार में जो आपका नाम है दोनों अलग-अलग है तो आप इसे ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं।

अगर कोई और गलती है तो इसे आप अपने लेखपाल और कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क करें। 

लिस्ट में नाम ऑनलाइन देखने के लिए आसान स्टेप

वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। 

होम पेज पर मेन्यू बार देखें और यहां ‘फार्मर कार्नर’ पर जाएं। 

यहां ‘लाभार्थी सूची’ के लिंक पर क्लिक करें।

इसके बाद अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव विवरण दर्ज करें

इतना भरने के बाद Get Report पर क्लिक करें और पाएं पूरी लिस्ट

गलतियों का घर बैठे ऐसे दूर करें