सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त 101 शिकायतों में 24 का मौके पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया

हमीरपुर ।आज जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन सरीला तहसील  में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुल 101 शिकायतें प्राप्त हुई , जिसमें से 24 शिकायतों का मौके पर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारण किया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी डॉ ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने जन समस्याओं को सुनने के पश्चात उनके निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया तथा कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस ,आईजीआरएस पोर्टल,  मुख्यमंत्री संदर्भ , 1076 के संदर्भ तथा मा0 जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों का निष्पक्षता पूर्वक एवं समयबद्ध ढंग से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। कहा कि शिकायतों का  निस्तारण 01 सप्ताह में कर दिया जाए यदि किसी कारणवश 01 सप्ताह में निस्तारण ना हो पाए तो उसकी अंतरिम आख्या अवश्य प्रस्तुत  कर दी जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न माध्यमों से  प्राप्त शिकायतों  का ससमय व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है  अतः सभी अधिकारियों द्वारा शासन की मंशानुरूप कार्य किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाए ताकि शिकायतकर्ता को बार-बार परेशान ना होना पड़े । कहा कि शिकायतों का ग्राउंड लेवल पर निस्तारण कर शिकायतकर्ता को संतुष्ट किया जाय  । उन्होंने कहा कि जिस स्तर की शिकायत है उसका उसी स्तर पर निस्तारण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक प्राप्त होने वाली शिकायत पर सभी संबंधित अधिकारियों द्वारा शिकायत की प्रकृति को देखते हुए टिप्पणी व अपना अभिमत अंकित करते हुए शिकायतकर्ता को निस्तारण की समय अवधि सहित अन्य जरूरी बातों के बारे में बताया जाए ताकि शिकायतकर्ता को तत्काल शिकायत के निस्तारण में लगने वाले समय व उसकी समस्या के समाधान संबंधी आवश्यक जानकारी तत्काल मिल सके । उन्होंने कहा कि न्यूनतम 20% शिकायतों के निस्तारण का मौके पर पहुंचकर सत्यापन भी किया जाए। उन्होंने कहा कि तहसील दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों का 15 दिन में अनिवार्य रूप से निस्तारण कर दिया जाए । किसी भी दशा में निस्तारण न हो पाने के कारण वही शिकायत अगले समाधान दिवस में प्राप्त नहीं होनी चाहिए अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी सम्पूर्ण समाधान दिवस में जनसमस्याओं के सुनने के पश्चात जिलाधिकारी ने संक्रामक बीमारियों से बचाव के संबंध में सभी विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि आईसीडीएस, पंचायती राज, बेसिक शिक्षा, राजस्व व पुलिस विभाग द्वारा अपने फील्ड के कर्मचारियों के माध्यम से सूचना तंत्र को विकसित कर उसे क्रियाशील किया जाय तथा कही भी डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार के केस मिलने पर तत्काल संबंधित विभागों की टीम पहुँचकर वहाँ पर जाँच, दवा वितरण, एंटी लार्वा छिड़काव, फागिंग, साफ सफाई का कार्य युद्व स्तर पर किया जाय ताकि उसपर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।

      इस मौके पर तहसील परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं के प्रचार प्रसार हेतु लगाए गए स्टॉलो का जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए । इस अवसर पर आवास ,शौचालयों, कन्या सुमंगला योजना ,राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, शादी अनुदान, पेंशन आदि के आवेदन  हेतु स्टॉल भी लगाया गया। डूडा ,प्रधानमंत्री आवास योजना ,मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ,वृद्धावस्था ,निराश्रित महिला पेंशन योजना , सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए स्टॉल भी लगाए गए ।इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी, उप जिलाधिकारी सरीला अजीत परेश ,सीएमओ डॉ एके रावत, पीडी साधना दीक्षित, डीडीओ विकास  , सी0 ओ0 सरीला तथा अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे ।