यूपी में इन नियमों के साथ एक सितंबर से खुलेंगे कक्षा एक से पांच तक के स्कूल

कोरोना काल के चलते करीब डेढ़ साल से बंद चल रहे स्कूलों में अब फिर से नन्हे मुन्नों की आवाज सुनाई देगी। कक्षा छह से बारह तक के बच्चों के लिए पहले ही स्कूल खुल चुके हैं, वहीं बुधवार से कक्षा एक से पांच तक कि कक्षाएं भी शुरू होंगी। स्कूल भी अब सभी कक्षाओं के बच्चों के स्वागत के लिए तैयार हैं। इसी के साथ कोरोना काल में इन बच्चों की भी ऑफलाइन पढ़ाई की भी शुरुआत हो सकेगी।

अलग अलग समय चलेंगी क्लासः अधिकांश स्कूल सुबह 8 बजे ही खुलेंगे। मगर कक्षाओं का संचालन को लेकर स्कूलों में अलग-अलग समय निर्धारित कर रखा है। अधिकार स्कूल द्वारा कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए अलग समय, कक्षा छह से सात तक के बच्चों के लिए अलग समय और कक्षा कक्षा आठ से 12 के लिए अलग-अलग समय तय किया गया है। कक्षा के संचालन के बाबत अभिभावकों को स्कूल प्रशासन की ओर से पहले ही जानकारी दे दी गई है।

स्कूलों का दावाः स्कूल संचालकों का दावा है कि इन बच्चों की सुरक्षा के लिए भी कोरोना गाइडलाइंस का पालन गंभीरता से किया जाएगा। स्कूल गेट पर बच्चों का टेंपरेचर चेक करके ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा हर बच्चे को अनिवार्य रूप से सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा। बिना मास्क के किसी भी बच्चे, स्टाफ व शिक्षक का प्रवेश स्कूल के अंदर प्रतिबंधित रहेगा। 

एसकेडी प्रबंधक मनीष सिंह व सीएमएस निदेशक गीता गांधी ने बताया कि स्कूल में कोविड 19 को लेकर जारी एसओपी का अनिवार्य रूप से पालन कराया जा रहा है। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए खास इंतजाम की गए हैं। उनकी निगरानी के लिए अतिरिक्त स्टाफ़ भी लगाया जाएगा। कक्षाएं सुबह 8बजे से शाम 4 बजे के मध्य संचालित की जाएंगी। अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल का कहना है कि सभी स्कूलों ने कोरोना से बचाव की गंभीरता से तैयारी की है।

क्लास में कुछ ऐसा रहेगा सिटिंग सिस्टमः स्कूल प्रबंधकों व प्रिंसीपलो ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए कक्षाओं में शारीरिक दूरी के मानक का पालन कराया जा रहा है। अगर किसी क्लास में 40 विद्यार्थी हैं तो उसे दो सेक्शन में बांटा गया है। दोनो सेक्शन के छात्रों को अगल-अगल कमरे में बैठाया जाएगा है। यानी अगर किसी क्लास में चार सेक्शन हैं तो उस क्लास में आठ सेक्शन बनाएं गए हैं, जिससे एक क्लास में 20 बच्चे ही बैठें। उन्होंने बताया कि अगर फिर भी छात्र संख्या अधिक रहती है तो उन बच्चों की आनलाइन क्लास भी संचालित कराई जा सकती हैं। स्कूलों को शासन द्वारा जारी कोविड गाइडलाइंस का गंभीरता से पालन करना होगा। किसी स्तर पर लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए।