आक्रोशित शिक्षकों ने बीएसए की अनुपस्थिति में कार्यालय पर तालाबंदी कर चस्पा किया ज्ञापन

सहारनपुर । अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उ.प्र. मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ से जुड़े निजी स्कूल संचालकों ने आज बीएसए कार्यालय पर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया तथा जब बीएसए की अनुपस्थिति में कोई ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा तो शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर ज्ञापन चस्पा कर नारेबाजी की तथा बाद में बीएसए की अनुपस्थिति में एडी(बेसिक) को ज्ञापन सौंपा।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा.अशोक मलिक ने धरने को सम्बोधित करते हुए कहा कि  सरकार अपनी मनमानी कर रही है, और निजी स्कूल संचालकों को आर्थिक नुकसान पहंुचा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि  निजी स्कूल संचालक सरकार के काले कानून आरटीई व आरटीआई दोनों ही फरमानांे नहीं मानेंगे और इसका घोर विरोध जताया जायेगा। सरकार की मनमानी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार पर निजी स्कूलों का 1000 करोड़ रूपया बकाया है, उसका मुआवजा दिया जाये, क्योंकि जिन बच्चों ने दो-दो साल से फीस जमा नहीं की है, सरकारी स्कूलों में उन बच्चों को बिना टीसी के दाखिले दिये जा रहे हैं, उससे हमें भारी नुकसान हो रहा है। इन बच्चों की संख्या 25 लाख है, जिसका आरटीई के तहत 500 करोड़ की फीस प्रतिपूर्ति सरकार करें।

प्रदर्शनकारियों ने बीएसए कार्यालय पर तालाबंदी कर सरकार व विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर अपनी मांगों के निराकरण की मांग करते हुए कहा कि यदि अब भी सरकार व विभाग नहीं चेता तो एक बड़ा आंदोलन सरकार के खिलाफ निजी स्कूल संचालक करेंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

धरने पर मुख्य रूप से गयूर आलम, के.पी.सिंह, अरविंद शर्मा, अशोक सैनी, मुकेश सहजवा, मनीष कुमार, भोपाल प्रधान, प्रवेज अली, विक्रान्त शर्मा, नरेश वर्मा, दिनेश रूपडी, मुस्तजार, संजय रोहिला, शशीकान्त, सरफराज, मुजाहिद हसन, संजय शर्मा, ऋषिपाल सैनी, शिवलाल, अमरीश शर्मा, मंजीत सैनी, हंस कुमार, गफ्फार, रजनी अरोडा, पूजा रानी, प्रीतम सिंह, नीतू, महीपाल सिंह, आत्मा राम, जमाल अजमल आदि भारी संख्या में निजी स्कूल संचालक मौजूद रहे। धरने की अध्यक्षता के.पी. सिंह व संचालन हंस कुमार ने किया।