भगवान कहते हैँ

                                       
भगवान कहते हैँ 

युग जागरण न्यूज़ नेटवर्क 

भले दिन गर्दिश के हों अगर

टूटी कश्तियां पार लगा दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैं।।

डूबा सूरज गगन में अगर

फिर भी अंधेरा जो छुपा दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे कि भगवान कहते हैं।।

झुकाना चाहे दुनिया अगर

मगर वो फिर झुकने ही न दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैं।।

चल चलके छाले हुए पग

अंगारों चलने की शक्ति दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैं।।

भटका कोई राह से अगर

सही राह पर गर वह ला दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैं।।

हो रहा हो मन में जब भरम

मन का विश्वास जो वह दे दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैं।।

आंधियों के जाल फंसा अगर

हवाओं को पल में उड़ा दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैं।।

गहरे हों जब भी जख्म अगर

बिन कहे मरहम जो लगा दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैं।।

छुट जाए जब बड़ा सहारा

तिनके से भी जान बचा दे

उसी ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैं।।

कोई व्यंजन खा अतृप्त अगर

सूखी रोटी पेट भरा दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैं।।

सूरज बन सुखा दे जल अगर

मगर बादल बन जल पिला दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैं।।

क्या है स्वर्ग और क्या नरक

जो इस जमीं पर ही दिखा दे

उसे ही भगवान कहते हैं

उसे ही भगवान कहते हैँ।।

पूनम पाठक बदायूँ