तेजस्वी यादव ने जातिगत जनगणना की मांग पर पीएम मोदी को लिखा खत

पटना: बिहार विधान सभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने जातिगत जनगणना की मांग करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और कहा है कि केंद्र को इस मुद्दे पर अपने स्टैंड पर पुनर्विचार करना चाहिए. तेजस्वी ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी ने जातिगत जनगणना पर मीटिंग न कर सीएम नीतीश कुमार का अपमान किया है, जबकि पीएम अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर रहे है. बता दें कि सीएम नीतीश ने पीएम को पत्र लिखकर इस बारे में मीटिंग करने का अनुरोध किया था.

तेजस्वी ने पीएम को लिखे पत्र में कहा है "जबतक जातिगत जनगणना नहीं होगी, तब तक पिछड़ी, अति पिछड़ी जातियों की शैक्षणिक, सामाजिक, राजनीतिक व अर्थिक स्थिति का न तो आंकलन हो सकेगा, ना ही उनकी बेहतरी व उत्थान संबंधित समुचित नीति निर्धारण हो पाएगा और न ही उनकी संख्या के अनुपात में बजट का आवंटन हो पाएगा."

राजद नेता ने लिखा है, "वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना में युगों-युगों से उत्पीड़ित, उपहासित, उपेक्षित और वंचित पिछड़े एवं अति पिछड़े वर्गों की जातीय जनगणना नहीं कराने की सरकार द्वारा संसद में दी गई लिखित सूचना दुर्भाग्यपूर्ण है." उन्होंने लिखा है कि पिछड़े-अति पिछड़े युगों से अपेक्षित प्रगति नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में जातिगत जनगणना उनके विकास की योजनाओं का खाका खींचने के लिए आवश्यक है. तेजस्वी ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में इस पत्र को जारी किया. 

तेजस्वी ने पीएम को याद दिलाया है कि आज से 90 साल पहले 1931 में जातिगत जनगणना की गई थी. उन्होंने कहा कि यह समय की मांग है कि बहुसंख्यक आबादी की गिनती कराई जाय और उसे जारी किया जाय. इनसे पहले राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पीएम मोदी को जाति जनगणना कराने के लिए पत्र लिखकर अनुरोध किया था.