भारत मां

कितनी प्यारी भारत मां,

कितनी न्यारी भारत मां,

मुझे गर्व है कितना विशाल रूप है तेरा मां,

मुझे गर्व है मैं इस भूमि पर जन्मी भारत मां,

तेरे ही अन्न से पनपी मां,

तेरे ही जल से प्यास बुझाई,

तेरी छत्र छाया में मैं पली मां,

मेरी सुंदर भारत मां,

मेरी निराली भारत मां।

किसी और धरती पर रहना मैं नर्क समझती,

मेरी मातृ भूमि ही मेरे लिए स्वर्ग मां,

कितनी प्यारी, कितनी अदभुत मेरी भारत मां।

तेरा मुझ पर कर्ज है मां,

तेरी रक्षा की खातिर मैं जान लुटा दूंगी भारत मां,

तेरी माटी में जिऊंगी,तेरी माटी में मरूंगी भारत मां,

मेरी प्यारी भारत मां।


हरप्रीत कौर

दिल्ली