शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने शिक्षा भवन निदेशालय में पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया

लखनऊ। 97000 पदों की शिक्षक भर्ती कराए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी लखनऊ में 54 दिनों से धरने पर हैं। इको गार्डन में अभ्यर्थियों का गुरुवार के दिन भी प्रदर्शन जारी है। अभ्यर्थी 54 दिन से धरने पर बैठे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाएगी। वे घर नहीं जाएंगे। उन्होंने आज शिक्षा भवन निदेशालय पर हंगामा किया। इससे पहले बुधवार को अभ्यर्थी एससीईआरटी कार्यालय के पानी की टंकी पर चढ़ गए और नौकरी की मांग करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने अभ्यर्थियों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थियों ने उनकी एक न सुनी। सुबह 11 बजे शुरू हुआ हंगामा दोपहर तक जारी रहा। इससे पहले सोमवार को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने हजरतगंज स्थित भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। मौके पर तैनात पुलिस ने आनन-फानन में उन्हें रोकने व खदेड़ने का प्रयास किया। एक घंटे से ज्यादा हुए प्रदर्शन में अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। दरअसल, यूपी सरकार की इस साल आने वाली 97 हजार पदों की बड़ी शिक्षक भर्ती पर संकट के बादल मंडराने लगे। बीते साल 2020 को ब्ड योगी ने ऐलान किया था कि सरकार जल्द ही 97 हजार पदों के लिए एक और शिक्षक भर्ती लेकर आएगी। मगर वर्तमान में शिक्षक भर्ती के विवादों में आने के बाद भर्ती की प्रकिया अधर में लटक गई। एक तरफ भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोर्ट में सुनवाई चल रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार भी प्रकरण की जांच करवा रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की वर्तमान में चल रही सहायक अध्यापकों की 68,500 पदों की शिक्षक भर्ती में अब तक करीब 40,788 पदों पर भर्ती हुई हैं। इस तरह कुल 97 हजार के करीब पदों की भर्ती आती। मगर वर्तमान भर्ती में अब कई ऐसे अभ्यर्थी सामने आ रहे हैं, जिनको परीक्षा में क्वालिफाइड होने के बाद भी फेल कर दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक, अब सरकार को इन अभ्यर्थियों को भी भर्ती देनी होगी। जिससे अब पदों की संख्या में बदलाव करना पड़ सकता है। दूसरा बड़ा कारण यह भी कि इस समय पूरा अमला सिर्फ वर्तमान शिक्षक भर्ती में हुई गड़बड़ियों की जांच में लग गया है। वहीं, बड़े पैमाने पर अधिकारियों का फेरबदल भी किया गया है। ऐसे में आगामी भर्ती की तैयारियों पर भी काम नहीं हो रहा है। जब तक इस मामले का पूरा समाधान नहीं होता, सरकार के लिए अगली भर्ती लाना आसान नहीं। इसके अलावा विभागीय सूत्रों की मानें तो आगामी शिक्षक भर्ती में विभाग परीक्षा का पैटर्न बदलने पर भी विचार कर रहा है। परीक्षा में कट ऑफ खत्म करने के साथ ही लिखित की जगह बहुविकल्पीय प्रश्नों पर आधारित परीक्षा कराने की योजना बनाई जा रही है। ओएमआर शीट पर परीक्षा होने से गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओबीसी और एससी वर्ग के आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों के धरना प्रदर्शन पर संज्ञान लिया। बता दें, मुख्यमंत्री ने 2 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल शासन को आदेश देकर अपने आवास पर मुलाकात करने के लिए बुलवाया था।