सफाई कर्मचारियों का वेतन चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के समान होना चाहिए: अध्यक्ष, राज्य सफाई कर्मचारी आयोग

किसी भी सफाई कर्मी को जबरन सीवर में न उतारा जाए

सहारनपुर। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष सुरेन्द्र नाथ ने कहा कि मेडिकल काॅलेज और जिला अस्पताल के सभी सफाई कर्मचारियों का वेतन चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के समान होना चाहिए। उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य में आ रही अनियमितताओं को शीघ्र दूर किया जाए। उन्होने कहा कि सीवर में कार्यरत कर्मचारियों को समय से वेतन दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि दैनिक कर्मचारियों व वार्डों में ड्यूटी, वेतन, एरियर, साप्ताहिक छुट्टी सहित अन्य समस्याओं का सयमबद्ध निस्तारण किया जाए। इसमें जिस स्तर पर लापरवाही होगी तो सम्बधिंत के विरूद्ध कार्यवाही की जायेंगी।

सुरेन्द्र नाथ आज सर्किट हाउस सभागार में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए अधिकारियांे के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होने नगर निगम  के अधिकारी और अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीवर की सफाई के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाए। किसी भी स्थिति में किसी सफाई कर्मी को सीवर मंे उतरने के लिए मजबूर किया जाए। उन्होने कहा कि सफाई कर्मियों के वेतन से नियमानुसार ईपीएफ एवं ईएसआई काटा जाए। यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि सभी कर्मियों को भुगतान हुआ है अथवा नहीं। उन्होने कहा कि नियमित व संविदा सफाई कर्मचारियों के देयक यदि लम्बित है तो उसके स्पष्ट कारणों सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होने उपस्थित सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को सुना तथा नियमानुसार समय से उनके निस्तारण का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए।

राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य श्री मनोज कुमार वाल्मीकि दैनिक कर्मचारियों व वार्डों में ड्यूटी, वेतन, एरियर, साप्ताहिक छुट्टी सहित अन्य समस्याओं के बारे में आप द्वारा हमें जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि जीवन अमूल्य है, हमें अपना कार्य कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम करना चाहिए, तभी हमारा जीवन दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकता है। वहीं जीवन की सुरक्षा के लिए सफाई अत्यंत आवश्यक है। जीवन का मूल मंत्र ही स्वच्छता होना चाहिए। 

बैठक में जिलाधिकारी अखिलेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ0 एस0चन्नप्पा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एस0बी0सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी, एसपी यातायात प्रेमचंद तथा सफाई कर्मचारी आयोग के पदाधिकारी मौजूद रहे।