प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों का नहीं हो रहा है पालन तो इसका जिम्मेदार कौन

 मऊ जनपद के अदरी नगर पचायत स्वच्छता अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे और कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं, लेकिन हालात ठीक इसके विपरीत हैं। कस्बों के छोर में उड़ेली जा रही गंदगी नगर पचायत आने की गवाही देने लगते हैं। अदरी नगर पचायत क्षेत्रों में डंपिग स्थान तक नहीं हैं। वहीं कूड़ा करकट के निस्तारण की योजना ही नहीं चल रही है। कूड़ा कचरा पर्यावरण को प्रभावित कर रहा है और प्रशासन पूरी तरह से पल्ला झाड़ रहा है। अदरी नगर पचायत में कूड़ा निस्तारण की योजना पूरी तरह से फ्लाप है। एनजीटी के नियमों का पालन जिम्मेदार ही नहीं कर रहे हैं।

इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है और इस मुद्दे पर पूरी तरह से जिला प्रशासन फेल होता दिख रहा है। कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं होंने से प्रतिदिन निकलने वाले कूड़ा आसपास के इलाकों में फेंक दिए जाते हैं, इससे लोग को तमाम परेशानियों से दो-चार होना पड़ता हैं।.. आखिर कब तक ऐसा चलता रहेगा, यह एक विचारणी प्रश्न है।

आज वायु प्रदूषण देश के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गई है। इसके समाधान के लिए सरकार द्वारा जागरुकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। बावजूद वायु प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सड़क के किनारे कचरा फेंका जाना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों का उल्लंघन है। कूड़े की ढेर से कई सूक्ष्म जीवाणु निकलते हैं, जो वायु के संपर्क में आने के बाद सांस के जरिये लोगों के शरीर में प्रवेश कर उन्हें बीमार बना देते हैं।