जल जीवन मिशन में कार्यदायी संस्था के अव्यवस्था देख डी एम ने जताई नाराजगी

कानपुर देहात : सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत जनपद के हर घर में नल से जल को पहुंचाने की व्यवस्था के तहत जल जीवन मिशन का 2019 शुभारंभ हुआ। इस योजना के तहत जनपद में 922 राजस्व गांवों के सापेक्ष 342 गांव में इस योजना से अच्छादित किये जाने को लेकर इंडियन हूम पाइल लिमिटेड संस्था द्वारा 175 गांव में पाइप लाइन व्यवस्था के कार्य सम्बन्धी डीपीआर तैयार किये जाने की व्यवस्था की गयी। यहीं नहीं जन जागरूकता हेतु जनपद में चार आईएसए के कर्यालयों का भी गठन किये जाने के निर्देश दिये गये,जिसके क्रम में जिला पेयजल स्वच्छता समिति की कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जल जीवन मिशन के तहत जिलाधिकारी ने समुचित जानकारी ली। इस द्वारा आईएसए के जिला क्वाडिनेटर शिवानी चौहान द्वारा कोई संतोषजनक जवाब न देने के चलते जिलाधिकारी ने जहां नाराजगी प्रकट की वहीं अकबरपुर मड़वाई रोड स्थित एक मकान के द्वितीय तल पर उनके कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, जहां कार्यालय स्थापना सम्बन्धी न तो फर्नीचर, कम्प्यूटर व अभिलेख मिले और तो और जहां उनके द्वारा कार्यालय स्थापित होने की बात कही गयी थी वहां आवासीय सम्बन्धी व्यवस्थायें मिली, जिसके चलते जिलाधिकारी ने घोर नाराजगी प्रकट करते हुए आईएसए संस्था के निरस्तीकरण की कार्यवाही के निर्देश दिये, वहीं निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पाण्डेय भी मौजूद रही। इस दौरान जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिशाषी अभियन्ता एमके सिंह पर भी नाराजगी जाहिर कर निरीक्षण करने और व्यवस्था न देखने की बात कही। 

इसी क्रम में अकबरपुर कस्बे में इंडियन हूम पाइप कंपनी के कार्यालय का भी जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया, यह भी कार्यालय एक आवास के द्वितीय तल पर स्थापित मिला, वहां पर एक कम्प्यूटर दो मेज व चार कुर्सियां पड़ी मिली, किन्तु कार्यालय संचालन जैसी व्यवस्था नही मिली, इस मामले में संबंधी संस्था के यूपी के असिस्टेन्ट जनरल मैनेजर एससी कुशवाहा पर नाराजगी प्रकट की। इस कार्यालय में भी मैनेजर सुमित कुशवाहा मौजूद मिले किन्तु उनका स्टाफ अनुपस्थित मिला। जल जीवन मिशन योजना 2019 से प्रारंभ की गयी है, इसके तहत प्रदेश के हर घर में नल से जल का कार्य किया जाना था, कार्य प्रारंभ के दौरान पूर्व में कार्यदायी संस्था जल निगम को बनाया गया किन्तु 4 नवम्बर 2020 को शासन स्तर से लघु सिंचाई विभाग को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया गया, पुनः 4 मार्च 2021 को फिर से जल निगम कोकार्यदायी संस्था नामित किया, इसके तहत राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन सोसाइटी के द्वारा कार्य कराने एवं डीपीआर तैयार कराने हेतु प्रदेश भर में कार्यदायी संस्थाओं का चयन किया जाना था तथा इसकी दर भी स्वीकृति की गई, वर्तमान में कार्यदायी संस्था द्वारा स्वीकृत दरों पर प्राकलंन तैयार कर एसडब्लूएसएम कार्यालय द्वारा पांच करोड़ से अधिक प्राकलंन तथा डीडब्लूएसएम संस्था द्वारा पांच करोड़ से कम के डीपीआर की मंजूरी की जायेगी। इसीक्रम में जहां जल निगम अधिशाषी अभियंता ने बताया कि जनपद के 922 गांव में जल जीवन मिशन के तहत काम कराया जायेगा। वहीं 96 राजस्व गांव में जल निगम द्वारा पाईप लाइन पेयजल योजना के जरिए लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। इस मामले में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने नाराजगी जताते हुए शासन को इस लापरवाही के बारे में अवगत कराने की बात कही।