तिरंगा लहराया है

बरसों बिता के ए दिन, पावन पर्व आया है।

 नीले आसमां में झंडा, तिरंगा लहराया है।।

फहरा पहली बार तो, फूले न समाए हम।

 मां बाप भाई बहन,

 भूल गए सारे गम।। वतन कितना प्यारा है, सुमन खिल खिलाया है। नीले आसमां में झंडा, तिरंगा लहराया है। कुरुक्षेत्र पानीपत,

है हल्दीघाटी जहां ।देश हित में सर कटाना,

 है परिपाटी जहां ।।

गमों का भी दौर जिसने, हंसकर बिताया है ।

नीले आसमां में झंडा, तिरंगा लहराया है।।

 उत्तर में महिमामंडित, हिमगिर की चोटी है। पावन पुनीत गंगा,

पाप जहां धोती है।। गीत वंदेमातरम का, पंछियों ने गाया है ।।नीले आसमां में झंडा, तिरंगा लहराया है।।

शहीदों की सहादत सरस,

अनमोल थाती है।

जिनके बदौलत मिली,

देश को आजादी है।।

वर्षगांठ पर एक पर्व,

यादें लेकर आया है।

नीले आसमां में झंडा,

तिरंगा लहराया है।।

गौरीशंकर पाण्डेय सरस