गौरव हैँ बेटियां

बेटियां कहां बोझ होती हैँ

बेटियां मधुर अहसास होती हैँ

सबको समझती हैँ बेटियां

सबका ख्याल रखती हैँ बेटियां

दो कुलों का मान रखतीं हैँ

दो कुलों का नाम रखतीं हैँ

इन्हें मखमली अहसास मिले

चेहरे पर इनके हंसी खिले

भेदभाव इन्हें पसंद नहीं

और भेदभाव हो न कहीं

देश का गौरव हैँ बेटियां

बेटों सी ही हैँ बेटियां

माता पिता की शुभचिंतक हैँ

भाइयों की वे शुभचिंतक हैँ

मोती जैसे धागे पर होता

ऐसा अहसास चाहें बेटियां


रितु शर्मा

राजीव शर्मा

दिल्ली रोहिणी