॥ माँ की ममता ॥

माँ तेरी ममता है बहुमूल्य

चुका ना पाऊंगा इनकी मूल्य

माँ की ममता है अनुपम सौगात

ना देखे यह जात और पात


ममता मरहम की बूटी है

दुःख सागर की इक कश्ती है

जीवन की खुशियाँ पलता है

ममता माँ की जब मिलता है


ममता की ऑचल में जीवन

ममता ना हो तो लागे उलझन

माँ की ममता है अथाह सागर

बच्चों की खुशियों का है गागर


ममता की ऑचल सुख नगरी है

जहाँ गम की कोई ना बदरी है

खुशियो का होता है जहॉ बरसात

माँ की ममता अमूल्य सौगात


तुँ कितनी पावन है माता

तेरे दिल में गंगा सा ममता

जहाँ प्यार की धारा है

अविरल बहता जग सारा है


ममता बगैर जग है सूना

ममता से उम्र है दूना

ममता की जिन पर ना छाया है

वो जीवन में कुछ ना पाया है


उदय किशोर साह

मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार