जो रूट ने बताया, खराब फॉर्म के बाद कैसे भारत के खिलाफ हासिल की लय

इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज से उन्हें अपनी बल्लेबाजी की लय हासिल करने में मदद मिली, जिससे उन्होंने भारत के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच की दूसरी पारी में शतक लगाकर अपनी टीम की जीत की उम्मीदों को बरकरार रखा है। पिछले पांच टेस्ट मैचों में अर्धशतकीय पारी खेलने में नाकाम रहे रूट ने इस मैच की पहली पारी में 64 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 109 रन बनाए। टेस्ट में उनकी 21वीं शतकीय पारी से इंग्लैंड की टीम 300 रनों के आंकड़े को पार करने में सफल रही। इंग्लैंड की दूसरी पारी 85.5 ओवर में 303 रन पर सिमटी जिससे भारत को जीत के लिए 209 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य मिला। पहली पारी में इंग्लैंड की पूरी टीम 183 रन आउट हो गई थी।

भारत ने चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट पर 52 रन बनाए हैं और वह लक्ष्य से 157 रन दूर है। रूट ने दिन के खेल के बाद शनिवार को ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'मुझे बड़ा स्कोर बनाकर और इस टेस्ट में टीम को ऐसी स्थिति में लाने की खुशी है, जहां से हमारे पास मैच जीतने का मौका है।' उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ जून-जुलाई में खेली गई 68 और 79 रन की नाबाद पारियों का जिक्र करते हुए कहा, 'मुझे लिमिटेड ओवरों की सीरीज (श्रीलंका के खिलाफ) में खेलने से वास्तव में फायदा हुआ।' उन्होंने कहा, 'इस सीरीज से पहले अगर हम टेस्ट मैच खेलते तो और भी अच्छा होता, लेकिन मेरा मानना है कि वनडे क्रिकेट में खेलने से बल्लेबाजी में मेरी लय वापस आई है।'

उन्होंने कहा, 'न्यूजीलैंड (लॉर्ड्स टेस्ट) के खिलाफ मैच के बाद मैंने तकनीक में कुछ बदलाव किए थे, मुझे लगता है मैं अब क्रीज का अच्छे से इस्तेमाल कर रहा हूं।' रूट अपनी पारी के दौरान इस साल टेस्ट में 1000 रन के आंकड़े को छूने वाले पहले बल्लेबाज बने। इस साल भारत के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में 218 रन की पारी खेलने वाले रूट के नाम 2021 में 1024 टेस्ट रन दर्ज हो गए हैं। रूट ने कहा, 'मुझे लगता है कि 50 ओवर के फॉर्मेट में खेलने से टेस्ट में मेरी बल्लेबाजी को काफी मदद मिलेगी।' इंग्लैंड के बल्लेबाजों और भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के बीच मैच के दौरान थोड़ी छींटाकशी भी हुई और जब रूट से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे अच्छे मजाक की तरह करार दिया।