लखनऊ विश्वविद्यालय ने नहीं भेजी नए स्नातक कोर्स की गाइडलाइन, कालेजों में अटके दाखिले

नए शैक्षिक सत्र से शुरू होने वाले चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की गाइडलाइन जारी न होने से समस्या खड़ी हो गई है। एक सप्ताह पहले लखनऊ विश्वविद्यालय ने नए स्नातक कोर्स को विद्या परिषद और कार्य परिषद से मंजूरी तो दिला दी, लेकिन अब तक कालेजों में उसे लागू करने के लिए कोई गाइडलाइन नहीं जारी की। ऐसे में कई कालेज छात्र-छात्राओं के प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। उनका कहना है कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत विषयों का चयन किया जाना है। इसलिए बिना गाइडलाइन प्रवेश नहीं ले सकते।

दरअसल, लखनऊ विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति के अंतर्गत चार साल का स्नातक पाठ्यक्रम तैयार किया है। इसमें एंट्री और एग्जिट के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के स्किल डेवलपमेंट और को-करिकुलर एक्टिविटी को भी शामिल किया गया है। अब स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को दो मुख्य विषय और एक माइनर विषय के रूप में लेना है। लेकिन कालेजों को इसकी कोई गाइडलाइन नहीं दी गई। जिसकी वजह से कई कालेज प्रवेश प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पा रहे।कोटपहले तीन साल का स्नातक कोर्स था। जिसमें एक ही फैकल्टी से तीन विषय चुनने थे। अब चार साल का नया स्नातक कोर्स विश्वविद्यालय ने तैयार किया है। इसमें एक फैकल्टी से दो मुख्य विषय और दूसरे से एक माइनर विषय का चयन करना है।