नाग पंचमी पर्व कल, मंत्रों से करें नाग देवता का ध्यान

लखनऊ। श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को हर वर्ष नाग पंचमी पर्व मनाया जाता है। इस बार 13 अगस्त यानी शुक्रवार को नागपंचमी मनाई जाएगी। ज्योतिर्विद कमला कान्त ने बताया कि नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा की जाती है। इसदिन कालसर्प निवारण भी नाग-नागिन का जोड़ा जंगल में छोड़कर किया जाता है। उन्होंने मंत्र की सरलता को लेकर कहा कि जो नाग पृथ्वी में, आकाश में, स्वर्ग में, सूर्य की किरणों में, सरोवरों में, वामी में, कूप, तालाब में रहते हैं उन सभी को मेरा नमस्कार है ऐसा उच्चारण करने से नाग लोक के समस्त नाग प्रसन्न होते हैं। मान्यता है कि इससे नाग भय भी दूर होता है और घर में धन धान्य की वृद्धि है। उन्होंने बताया कि गाय के गोबर को हिंदू धर्म में बहुत ही शुद्ध और पवित्र माना जाता है। प्रत्येक पूजा पाठ और शुभ कार्य में गाय के गोबर का प्रयोग किया जाता है। नागपंचमी के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीवार के दोनों ओर गाय के गोबर से नाग बनाएं। उसके बाद इन नागों पर थोड़ा सा कच्चा दूध व लावा चढ़ाएं। धार्मिक दृष्टि से तांबे को बेहद शुभ धातु माना जाता है। इसलिए नागपंचमी के दिन तांबे के नाग, नागिन की पूजा बहुत ही शुभ मानी जाती है। नागपंचमी के दिन विधि-विधान से तांबे के नाग-नागिन की पूजा करें। इसके बाद नाग नागिन को अपने धन के स्थान पर रख लें।