75वॉं स्वतन्त्रता दिवस समारोह : मण्डलायुक्त ने किया ध्वाजारोहरण, राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, साम्प्रदायिक सौहार्द की भावना को बलवती बनाने पर दिया जोर

 आज़मगढ़ : मण्डलायुक्त विजय विश्वास पन्त ने देश के 75वें स्वतन्त्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर रविवार को अपने कार्यालय भवन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा सामूहिक रूप से राष्ट्रगान किया तथा तिरंगे को सलामी दी। ध्वाजारोहण के उपरान्त अपने कार्यालय के सभागार में अयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मण्डलायुक्त श्री पन्त ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए हमारे पूर्वजों ने लड़ाइयॉं लड़ीं तथा अपने प्राणों की आहूति देकर देश को आज़ादी दिलाई। उन्होंने कहा कि देश के अमर बलिदानियों की बदौलत हमें राजनैतिक स्वतन्त्रता तो मिल गयी, परन्तु उनके सपनों का भारत बनाने के लिए हमें और हमारी आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति को बचाये रखते हुए भेदभाव, जाति, वर्ग, कुरीतियों, रूढ़ियों, लिंग भेद आदि के विरुद्ध लड़ाइयॉं लड़नी है। 

मण्डलायुक्त श्री पन्त ने कहा कि हमें अभिव्यक्ति की जो आजादी मिली उसके लिए कुछ सीमायें निर्धारित हैं हमें उसका सदैव ध्यान रखना चाहिए तथा अभिव्यक्ति में किसी प्रकार की अशोभनीय एवं भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग नहीं होनी चाहिए। मण्डलायुक्त ने अपने सम्बोधन में इतिहास की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि हमें अपने इतिहास के बारे में और स्वतन्त्रता संग्राम के बारे में स्वयं अधिक से अधिक जानकारी करनी चाहिए और बच्चों को भी उसके बारे में बताना चाहिए, ताकि बच्चे आजादी के तहत्व को समझें और देश को विकास के मार्ग पर आगे ले जाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें। 

उन्होने कहा कि हमें सदैव अपने दायित्वों का बोध होना चाहिए तथा उसके निर्वहन के प्रति सजग रहना चाहिए तभी हम अपनी स्वतन्त्रता को सहेज सकते हैं। मण्डलायुक्त श्री पन्त ने देश की अमर शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए आह्वान किया कि राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, साम्प्रदायिक सौहार्द्र की भावना को मजबूत कर हम स्वतन्त्र भारत को विकसित भारत बनाकर उनके सपनों को साकार करने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें।

 इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जीजीआईसी की छात्राओं तथा हरिहरपुर घराने के शीतला प्रसाद मिश्र एवं उनके साथियों द्वारा कई देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति की गयी। जीजीआईसी की छात्रा महिमा बागेश्वरी का चौरी चौरा काण्ड पर आधारित यह गीत- ‘‘चौरी चौरा घटना की हम याद दिलाते हैं, इतिहास का एक पन्ना हम आज दिखाते हैं’’ जहॉं हमें इतिहास के एक अध्याय से रू-ब-रू कराता है, तो वहीं दो छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गीत- ‘‘हमने सीखा शान्ति गीत और क्रान्ति का गाना भी’’ के माध्यम से स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों के धैर्य और संकल्प के सामंजस्य को प्रदर्शित किया है, जिसे उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं द्वारा खुले मन से सराहा गया। 

शीतला प्रसाद मिश्र ने अपनी प्रस्तुति के दौरान देशीाक्ति गीत ‘‘जहॉं डाल डाल पर चिड़ियॉं करती हैं बसेरा, वह भारत देश है मेरा’’ सुनाकर जहॉं उपस्थित लागों को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत किया वहीं सावन के महीने को देखते हुए उनके द्वारा प्रस्तुत कजरी ‘‘मिर्जापुर कइला गुलजार हो, कचौड़ी गली सून कईला बलमू’’ के माध्यम से कार्यक्रम में अलग समां बांधा। इसके अतिरिक्त भी देशभक्ति पर आधारित कई और गीतों की प्रस्तुति की गयी, जो सराहनीय रही।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए अपर सांख्यिकी अधिकारी सुनील कुमार प्रजापति ने स्वतन्त्रता संग्राम के कई उत्प्रेरक प्रसंगों को व्यक्त किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी अरुण कुमार त्रिपाठी, शासकीय अधिवक्ता ओम प्रकाश पाण्डेय, सहायक शासकीय अधिवक्ता अनिल सिंह व विनोद कुमार त्रिपाठी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये।