69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के तहत भर्ती की मांग

 लखनऊ। 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के तहत नियुक्ति किए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी बीते 70 दिनों से राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में धरने पर बैठे हैं। शनिवार को भीम आर्मी के प्रमुख और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर अभ्यार्थियों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा, यह आंदोलन बीते 70 दिनों से राजधानी में चल रहा है। किसी गांव में नहीं इसके बावजूद भी सरकार की कान में जूं नहीं रेंग रही है। चंद्रशेखर ने ऐलान किया कि मैं यहां तब तक रहूंगा जब तक मुख्यमंत्री न्याय नहीं करते, चाहे मेरी जान चली जाए। हमारे बहन बेटियों भाइयों ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया तो उन्हें लाठियां और डंडे से पीटा गया। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि इस राजधानी में तमाम तरीके के सभी दल रहते हैं। कोई एक बात यहां से कहेगा तो वह राजभवन, मुख्यमंत्री तक आवाज पहुंच जाएगी। लेकिन अभी तक कोई भी सुध नहीं ली गई। झूठे वादे किए गए। जब भी किसी जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं तो भाजपा सरकार के मंत्री लाठी चार्ज करवा देते हैं। भाजपा कार्यालय जाने पर परसों इनके साथ मारपीट की गई। मैंने पहले ही कहा था अगर अन्याय होगा तो मैं साथ खड़ा रहूंगा। चन्द्र शेखर ने कहा कि अब इनको लाठी लगेगी तो सबसे पहले अब मुझे लाठी लगेगी। मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि लाठी नहीं अब गोली चलवा दे। चंद्रशेखर ने कहा कि, मुख्यमंत्री को साफ तौर पर बता रहा हूं मैं यहां से नहीं जाऊंगा। ज्यादा अन्याय करोगे, प्रदेश और पूरे देश भर में अपने कार्यकर्ताओं से कहूंगा सड़क पर धरने पर बैठ जाएं। पिछड़ा वर्ग आयोग हमने थोड़ी बनाया। प्रधानमंत्री ने बनाया। पिछड़ा वर्ग आयोग की बात नहीं मान रहे हैं। मुख्यमंत्री न्याय दे। जो मुख्यमंत्री खुद को योगी कहते हैं वह कैसे न्याय नहीं करेंगे। अब मोहरों का खेल खत्म हो गया है। अगर वह मेरे अपने होते चाहे वह मंत्री होते संत्री होते वह हमारे साथ खड़े होते हैं। प्रदर्शन कर रहे हैं अभ्यर्थियों ने बीते 1 महीने के अंदर बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर चार बार घेराव किया और मुख्यमंत्री के आवास पर दो बार जाने से पहले हिरासत में लिया गया। 26 अगस्त को प्रदर्शन कर्मियों ने भाजपा मुख्यालय के गेट पर धरना दिया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने श्योगी जी न्याय दो, शिक्षा मंत्री न्यायश् दो के नारे लगाए। इसमें बताया कि वह लोग इसको लेकर सीएम और राज्यपाल को भी पत्र लिख चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी मांगों को नजरअंदाज कर गलत तरीके से भर्ती प्रक्रिया को शुरू किया जा रहा है। कहा कि जल्द ही इसमें सुधार न हुआ तो हजारों प्रदर्शनकारी आंदोलन को उग्र करने को विवश होंगे। इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।