12 अगस्त :अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस

युवा वर्ग होता है देश की,आन बान और शान..

युवा वर्ग बना सकता है,देश को अपने महान..


कहा जाता है कि जिस देश का युवा वर्ग उस देश की जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं अर्थात जिस देश की जनसंख्या में युवा वर्ग बाकी वर्ग की अपेक्षा अधिक संख्या में होते हैं उस देश को समृद्ध देश बनने से कोई नहीं रोक सकता क्योंकि किसी भी देश की उन्नति और प्रगति के सबसे अहम संसाधन मानव संसाधन ही होते हैं और मानव संसाधनों में भी युवा वर्ग ।


पूरे विश्व में भारत को युवाओं का देश कहा जाता है क्योंकि यहां 35 वर्ष की आयु तक के 65 करोड से भी अधिक युवा हैं अर्थात हमारे देश में श्रमशक्ति बाकी देशों की अपेक्षा में कहीं अधिक उपलब्ध है ।किसी भी देश की युवा शक्ति को सही दिशा निर्देशन एवं उचित मार्गदर्शन देकर उन्हें देश की उन्नति में भागीदार बनाया जा सकता है ।


किसी भी देश का युवा वर्ग निसंदेह उस देश के विकास का सबसे अधिक मजबूत स्तंभ होता है। परंतु जब किसी देश का यही सशक्त आधार सामाजिक और राजनैतिक जिम्मेदारियों को बिसरा कर अन्य व्यर्थ के कार्यों में अपना कीमती समय बर्बाद करना शुरू कर देता है तब उसकी बर्बादी के साथ-साथ उसके देश की बर्बादी भी होने लगती है ।सरकार युवाओं के मुद्दों और उनकी बातों पर ध्यान आकर्षित करें, इसीलिए प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। सबसे पहली बार सन् 2000 में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन किया गया था ।संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार सन 1985 को अंतरराष्ट्रीय युवा वर्ष भी घोषित किया गया ।


किसी भी देश का युवा वर्ग उस देश के उस राष्ट्र के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ,क्योंकि युवक किसी भी देश की सबसे बड़ी संपदा माने जाते हैं ।परंतु यदि यह अमूल्य धरोहर ,अमूल्य संपदा उस देश को छोड़कर किसी अन्य देश में रोजगार पाने अथवा शिक्षा पाने के लिए चली जाती है तो ऐसे में उसके अपने राष्ट्र की प्रगति का स्तर नीचे गिरने लगता है एवं देश के विकास में बाधा भी उत्पन्न होती है ।यदि किसी कारणवश कोई राष्ट्र अपने देश के युवा वर्ग को पर्याप्त मात्रा में संसाधन उपलब्ध नहीं करा पाता है ,उसकी वजह से भी उस देश की उन्नति ,प्रगति और विकास का स्तर बाकी देशों की तुलना में सदैव कम ही रहता है ।


भारत जैसे महान देश में समस्त ऊर्जा इस देश के युवाओं में ही निहित है। यही कारण है कि भारत देश 200 वर्षों से अधिक की गुलामी झेलने के बावजूद भी आज सशक्त खड़ा हुआ है और विकास के मामले में बाकी देशों को कड़ी टक्कर भी दे दे रहा है ।इसका सिर्फ और सिर्फ एक ही कारण है, और वह है देश का युवा वर्ग, जो इस देश की उन्नति और प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने में कभी पीछे नहीं हटता।


आज विश्व भर में अधिकतर युवा वर्ग अपने ऐशो आराम और अधिक पैसा कमाने की होड़ में अपने पैतृक देश और जमीन जायदाद को त्याग कर दूसरे विदेशों में जाकर बस रहे हैं जिससे उनके अपने राष्ट्र के निर्माण में, राष्ट्र के विकास में अनेक प्रकार की समस्याएं आ रही हैं ।जब देश की शक्ति ही देश को छोड़कर किसी अन्य देश के साथ जा मिले तब उस देश का विनाश निश्चित ही है ।


अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि सरकार युवाओं संबंधी समस्याओं पर ध्यान आकर्षित कर उनके समाधान हेतु उचित निर्णय लें जिससे देश का युवा देश में ही रहकर देश के विकास में स्वयं को प्रतिबद्ध महसूस करें और अपनी सामाजिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों का निर्वहन बखूबी करें ।विश्व युवा दिवस अर्थात अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस का मुख्य उद्देश्य सामाजिक ,आर्थिक राजनीतिक एवं सांस्कृतिक मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी और उनके विचारों पर विचार विमर्श और चर्चा करना है ।अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस एक मौका है युवाओं की आवाज, कार्यों और उनकी सार्थक पहल को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने का। 


17 दिसंबर 1999 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फैसला सुनाया था कि 12 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाएगा ,तब से लेकर यह दिवस अब तक हर साल 12 अगस्त के दिन ही मनाया जाता है। युवा वर्ग में निहित शक्तियों के माध्यम से किसी भी समाज का स्वरूप बदल सकता है ,उसकी काया पलट हो सकती है, क्योंकि किसी भी समाज और देश की नीतियों को बनाने ,लागू करने और उन पर अमल करने करवाने में देश का युवा वर्ग ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।


अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस वाले दिन युवाओं को पहचान दिलाने के लिए विश्व भर के देशों में अनेक प्रकार के सुंदर कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है ।यह दिवस पूर्ण रूप से युवाओं को समर्पित होता है। युवाओं का देश के विकास में महत्व दर्शाने एवं भविष्य की पीढ़ी के लिए दुनिया को बताने के तौर पर भी यह दिवस मनाया जाता है ।इस दिवस को मनाने के पीछे मुख्य प्रयोजन देश के युवाओं को प्रेरित करना भी है ताकि वह देश की उन्नति और प्रगति के लिए आगे आएं एवं देश की नीतियों के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करें ।


पिंकी सिंघल

अध्यापिका

शालीमार बाग

दिल्ली