सेबी ने सहारा निवेशकों को नौ वर्षों में लौटाए लगभग 129 करोड़ रुपये

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत पूंजी बाजार नियामक सेबी ने सहारा की दो कंपनियों के निवेशकों को नौ वर्षों में लगभग 129 करोड़ रुपये वापस किए हैं। सेबी द्वारा दी जानकारी के मुताबिक पुनर्भुगतान के लिए विशेष रूप से खोले गए बैंक खातों में जमा राशि बढ़कर 23,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। नियामक ने कहा कि सात आवेदन विवादित श्रेणी में रखे गए हैं, सहारा के पास 332 आवेदन लंबित हैं, 122 आवेदन सेबी के पास लंबित हैं और 2,487 मामले निवेशकों से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने और रिकॉर्ड नहीं होने के चलते बंद कर दिए गए हैं।

तीन करोड़ निवेशकों को ब्याज सहित धन वापस करने का आदेश     

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2012 के अपने एक आदेश में सहारा की दो कंपनियों के लगभग तीन करोड़ निवेशकों को ब्याज सहित धन वापस करने के लिए कहा था, लेकिन बड़ी संख्या में बॉन्डधारकों द्वारा दावा नहीं करने के चलते सेबी ने पिछले वित्त वर्ष 2020-21 में सिर्फ 14 करोड़ रुपये ही वापस किए थे, जबकि उस साल सेबी-सहारा वापसी खाते में शेष राशि बढ़कर 1,400 करोड़ रुपये हो गई थी। 

31 मार्च 2021 तक 19,616 आवेदन

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अपनी ताजा वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि उसे 31 मार्च 2021 तक 19,616 आवेदन मिले, जिसमें लगभग 81.6 करोड़ रुपये के धन वापसी के दावे थे। सेबी ने बताया कि उसने 16,909 मामलों में (129 करोड़ रुपये, जिसमें 66.35 करोड़ रुपये मूलधन और 62.34 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है) रिफंड जारी किए हैं, जबकि 483 आवेदनों में कमियों को दूर करने के लिए निवेशकों को वापस भेज दिया गया है।