अब Zomato के IPO का इंतजार हुआ खत्म, 14 को खुलेगा प्राइस बैंड

नई दिल्ली : ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato Ltd का IPO का इंतजार अब खत्म हुआ।  इसका IPO सब्सक्रिप्शन के लिए 14 जुलाई को खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा। इसके लिए प्राइस बैंड 72-76 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। बता दें जोमैटो को आईपीओ के जरिए फंड जुटाने की बाजार नियामक सेबी से पिछले हफ्ते मंजूरी मिल चुकी है। शेयरों की फेस वैल्यू 1 रुपये है। कम से कम 195 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगानी होगी और इसके बाद 195 के गुणक में बिड प्लेस कर सकेंगे।

बता दें प्लेटफॉर्म जोमैटो की योजना इशू के जरिए 72-76 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड के हिसाब से 9375 करोड़ जुटाने की है। इस इशू ऑफर के तहत फ्रेश इक्विटी शेयर और नौकरीडॉटकॉम की पैरेंट कंपनी इंफो ऐज द्वारा ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है। कंपनी के निवेशकों में इंफो ऐज, Sequoia, ऐंट फाइनेंशियल्स  और उबेर भी शामिल हैं और कंपनी का कोई प्रमोटर नहीं है।

कंपनी के मेगा आईपीओ में 75 फीसद हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (क्यूआईबी) और 15 फीसद नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए आरक्षित है। पब्लिक इशू का 10 फीसद हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ में 65 लाख इक्विटी शेयर्स कंपनी के कर्मियों के लिए आरक्षित किया गया है। बता दें वित्त वर्ष 2020 में जोमैटो को 2742 करोड़ रुपये की आय हुई थी. महामारी के दौरान कंपनी को 1367 करोड़ रुपये की आय हुई और अभी भी कंपनी जोमैटो घाटे में चल रही है।

विदेशी ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म जेफरीज ने इस साल 2021 की शुरुआत में कहा था कि जोमैटो का आईपीओ का आईपीओ भारत में पहला महत्वपूर्ण इंटरनेट लिस्टिंग होगा। जेफरीज के मुताबिक 80 फीसद से अधिक रेवेन्यू के साथ कंपनी के लिए फूड डिलीवरी मजबूत आधार बना हुआ है, हालांकि अब इस फील्ड में कड़ी प्रतिस्पर्धा हो सकती है। जेफरीज के मुताबिक भारत में फूड डिलीवरी में सिर्फ दो ही कंपनियों, जोमैटो और स्विगी का कब्जा है लेकिन इसमें जल्द ही प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।

ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक भारत में खाने की जितनी खपत होती है, वह भारत की तिमाही जीडीपी के बराबर है और इसमें से 10 फीसद सिर्फ फूड सर्विसेज पर खर्च होता है. यह अमेरिका और चीन में खर्च के मुकाबले 50 फीसद अधिक है।