पेंशन में जानबूझकर देरी पर लोकायुक्त परिवाद

लखनऊ। आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने अपने जबरिया सेवानिवृति के 3 माह बाद भी अब तक पेंशन सहित तमाम देयक नहीं दिए जाने के संबंध में आज लोकायुक्त जस्टिस संजय मिश्रा के समक्ष एसीएस होम तथा डीजीपी यूपी के खिलाफ परिवाद दायर किया है। अपने परिवाद में अमिताभ ने कहा कि एक तो उन्हें बिना किसी तथा आधार के जबरदस्ती सेवानिवृत कर दिया गया और दूसरे उन्हें आज तक पेंशन तथा तमाम अन्य देयक तक नहीं दिए गए हैं, जबकि उनकी ओर से इस प्रक्रिया में एक दिन की भी देरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उनका पेंशन उनके खिलाफ लम्बे समय से लंबित विभागीय कार्यवाहियों के आधार पर रोका गया है, जबकि सत्यता यह है उनके खिलाफ 2015-16 में 4 विभागीय कार्यवाहियां शुरू की गयीं. इन सभी विभागीय कार्यवाही में उनके द्वारा हर स्तर पर पूरा सहयोग किया गया, इसके बाद भी मात्र शासन के स्तर पर की गयी भारी लापरवाही के कारण ये सभी विभागीय कार्यवाही आज तक लंबित हैं। अमिताभ ने कहा कि पहले इन विभागीय कार्यवाहियों के नाम पर उनका प्रोमोशन रोका गया और अब इनके नाम पर उनका पेंशन रोका जा रहा है. अतः उन्होंने लोकायुक्त से इस अनुचित विलंब के लिए दोषी अफसरों के खिलाफ कार्यवाही की प्रार्थना की है।