मर चुकी थी पहले ही

मर चुकी थी पहले ही 

व्यवस्था हमारी,

ऑक्सीजन की कमी से लोग मरे

उसके बाद में,

दर्ज नहीं हुए इसीलिए वो सब

सरकारी हिसाब-किताब में।


मर चुकी थी पहले ही

हुकूमतों की शर्मो-हया हमारी,

इलाज के अभाव में लोग मरे

उसके बाद में,

दर्ज नहीं हुए इसीलिए वो सब

सरकारी हिसाब-किताब में।


मर चुकी थी पहले ही

इंसानियत में आस्था हमारी,

दवाइयों की कालाबाजारी से लोग मरे

उसके बाद में,

दर्ज नहीं हुए इसीलिए वो सब

सरकारी हिसाब-किताब में।


मर चुकी थी पहले ही

रोगग्रस्त लोगों के प्रति

संवेदनशीलता हमारी,

कोरोना की महामारी से लोग मरे

उसके बाद में,

खर्च नहीं हुए इसीलिए बोल सबके

महामारी के दौरान लापरवाही

और बद-इंतजामी के जवाब में।


जितेन्द्र 'कबीर'

जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश