पृथ्वी शॉ को टीम में शामिल करने की अटकलों पर कपिल देव ने जताई आपत्ति

इंग्लैंड के खिलाफ खेली जानी वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत से पहले शुभमन गिल की इंजरी ने टीम इंडिया की टेंशन बढ़ा दी है। विराट कोहली और टीम मैनेजमेंट के सामने इस समय बड़ा सवाल यह है कि गिल को प्लेइंग इलेवन में कौन रिप्लेस करेगा। भारत के पास मयंक अग्रवाल और केएल राहुल के रूप में दो सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं। हालांकि, खबरों के अनुसार टीम मैनेजमेंट पृथ्वी शॉ को इंग्लैंड बुलाने की फिराक में है। शॉ को टेस्ट टीम में शामिल करने के फैसले पर भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अगर शॉ को इंग्लैंड बुलाया जाता है तो यह टीम में मौजूद खिलाड़ियों की बेइज्जती होगी। 

कपिल देव ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इसकी कोई जरूरत है। सिलेक्टर्स की भी कुछ इज्जत होनी चाहिए। उन्होंने भी एक टीम चुनी है और मैं मैं आश्वस्त हूं कि यह बिना विराट कोहली और रवि शास्त्री की सलाह के नहीं हुआ होगा। मेरा मतलब है कि आपके पास केएल राहुल और मयंक अग्रवाल के रूप में दो बड़े ओपन मौजूद हैं। क्या आपको सच में तीसरा ऑप्शन चाहिए? मुझे नहीं लगता कि यह सही है। मैं इस थ्योरी से प्रभावित नहीं हूं। उन्होंने जो टीम चुनी है उसमें पहले ही ओपनर मौजूद हैं तो मेरे हिसाब से उनको ही खेलना का मौका मिलना चाहिए। नहीं तो यह टीम में मौजूद खिलाड़ियों की बेइज्जती होगी।'

कपिल देव ने कहा कि यह संभव नहीं है कि बिना कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री के साथ टीम चुनी जाए। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट को सिलेक्टर्स के फैसला का सम्मान करना चाहिए और मौजूदा प्लेयर्स में से रिप्लेसमेंट चुननी चाहिए। 1983 विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा कि टीम में एक और ओपनर को जोड़ने से केएल राहुल और मयंक अग्रवाल के कॉन्फिडेंस पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बिना बात का कोई विवाद नहीं होना चाहिए।