खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अपनों की मौत के बाद पाक से उठा चीन का भरोसा, भेजी जांच टीम

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बस में हुए विस्फोट में चीन के 9 लोगों की मौत के बाद अब ड्रैगन सतर्क हो गया है और वह फूंक-फूंककर कदम बढ़ा रहा है। अपनों की मौत के बाद अब सदाबहार दोस्त चीन का पाकिस्तान पर से भरोसा उठ गया है। क्योंकि विस्फोट की जांच के लिए ड्रैगन ने न सिर्फ पाकिस्तान में अपनी विशेष जांच टीम भेजी है, बल्कि उसने दोनों मुल्कों के बीच अहम माने जाने वाली सीपीईसी की बैठक भी रद्द कर दिया है। बता दें कि पाकिस्तान में हुई इस घटना में नौ चीनी इंजीनियरों सहित 13 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद चीन ने कहा था कि वह पाकिस्तान में बस में हुए विस्फोट की जांच के लिए अपनी एक विशेष टीम भेज रहा है।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बस में हुए भीषण विस्फोट में 9 चीनी नागरिकों की मौत के बाद बीजिंग ने आज यानी शुक्रवार को होने वाली चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की महत्वपूर्ण बैठक को स्थगित कर दिया है। बता दें कि यह घटना खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अपर कोहिस्तान जिले के दसू इलाके में हुई, जहां चीनी इंजीनियर और निर्माण श्रमिक एक बांध बनाने में पाकिस्तान की मदद कर रहे हैं। यह बांध 60 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत वाले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का हिस्सा है। 

हालांकि, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रमुख और पाकिस्तान सेना के पूर्व प्रवक्ता मेजर जनरल असीम बाजवा ने ट्वीट कर जानकारी दी कि सीपीईसी की यह बैठक अब ईद के बाद होगी। उन्होंने ट्वीट किया, 'CPEC पर जेसीसी-10 की बैठक जो 16 जुलाई 2021 को होने वाली थी, उसे ईद के बाद बाद की तारीख के लिए स्थगित कर दिया गया है। जल्द ही एक नई तारीख को अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि, इस बीच  तैयारी जारी है।'

चीनी इंजीनियरों और श्रमिकों को ले जा रही बस में विस्फोट होने से नौ चीनी नागरिकों और फ्रंटियर कोर के दो सैनिकों सहित कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। वहीं 39 अन्य लोग घायल हो गए। धमाके के बाद बस गहरी खाई में गिर गई थी।  इस घटना में हताहत हुए चीनी नागरिकों की संख्या ने चीन को परेशान कर दिया है। इस घटना को लेकर दोनों करीबी सहयोगियों की अलग-अलग धारणा है। पाकिस्तान का कहना है कि गैस का रिसाव होने से विस्फोट हुआ वहीं चीन ने इसे हमला बताया है।