मौत को दावत दे रहा रेल आवास,कर्मचारी मजबूर

गोण्डा.। अंग्रेजों के जमाने के बने रेलवे आवासों में कर्मचारी मजबूरी में रहने को विवश है। किसी प्रकार की मरम्मत न होने से क्वार्टरों की हालत खस्ता होती चली जा रही है। लेकिन प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। कर्मचारी रात भर जग के ड्यूटी कर रहा है। खासकर परिचालन विभाग के कर्मचारी जो हैं वह जान हथेली पर रखकर अपने क्वार्टर में रह रहे हैं। खासकर गोंडा लूप लाइन में बने सारे परिचालन विभाग के क्वार्टर रहने योग्य नहीं रह गए हैं, लेकिन मजबूरी में कर्मचारी रह रहे डर के साए में आवेदन कोई ना कोई घटना हो रही है। कभी दीवार टूट के गिर रही है तो कभी छत से पानी गिरता है और प्लास्टर टूटता रहता है। कर्मचारी  रात भर जगराता करता है। जिससे कर्मचारियों की कार्यशैली काफी ज्यादा प्रभावित हो रही है और रेल और सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए भी एक घातक हो सकता है भविष्य परिचालन विभाग के कर्मचारियों को 12 घंटे की ड्यूटी करना होता है। उसके बाद उन्हें खाना पीना बना कर सोना होता है जिससे उनकी कार्यशैली प्रभावित ना हो लेकिन क्वार्टर की ऐसी हालत के बाद कर्मचारी डर के साए में अपनी ड्यूटी करने को विवश है। ऑल पॉइंट्स मैन गेट मैन यूनियन के पदाधिकारी मांग करते हैं कि रेलवे आवासों की मरम्मत तत्काल प्रभाव से किया जाए जिससे कि परिचालन विभाग के कर्मचारियों के कार्य शैली प्रभावित ना हों। विशेष कर मांग करने वालों में दिनेश मल मंडल मंत्री संजय कुमार, मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार, जोनल, महामंत्री एवं आदि पदाधिकारी मौजूद थे। साथ में 50 की संख्या में कर्मचारीभी मौजूद थे।यातायात निरीक्षक लोकेश दुबे से बात करने के बाद उन्होंने जानकारी दी है।आवास की समस्या के विषय में उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। जल्दी कुछ ना कुछ कार्रवाई होते हुए क्वार्टरों की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।