पंजाब में कांग्रेस के बाद भाजपा में मची कलह, भड़के पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी

पंजाब : केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर पंजाब भाजपा के नेताओं में आपसी खींचतान तेज हो गई है। आंदोलन को लेकर बयानबाजी करने वाले भाजपा नेता अनिल जोशी ने प्रदेश नेतृत्व के कारण बताओ नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नोटिस के विरोध में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और उनकी टीम से इस्तीफा मांग लिया है। 

उन्होंने आरोप लगाया है कि किसान आंदोलन को लेकर प्रदेश की टीम ने केंद्र को सही फीडबैक नहीं दिया, जिसके कारण यहां हालात खराब हुए हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता अनिल जोशी आए दिन किसान आंदोलन के लिए पंजाब के भाजपा पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा द्वारा इस मामले में मंगलवार को जोशी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। 

इसके बाद अब पूर्व कैबिनेट मंत्री खुलकर सामने आ गए हैं। भाजपा नेता जोशी ने पलटवार करते हुए कहा कि वह आज भी अपने पुराने बयानों पर कायम हैं। केंद्रीय कृषि कानूनों को लेकर चल रहे आंदोलन को समाप्त करने के लिए प्रयास करने चाहिए। इन सब कामों को करने के बजाय पंजाब प्रदेश के पदाधिकारी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ राजनीति कर रहे हैं। 

प्रदेश अध्यक्ष की कार्यकर्ताओं से बेरुखी के कारण प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं में बिखराव शुरू हो गया है। उनकी टीम के कारण संगठन स्तर पर पंजाब में भाजपा को काफी नुकसान हो चुका है, इसलिए नैतिकता के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष और उनकी पूरी टीम के सदस्यों को स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए।    

अनिल जोशी ने बताया कि पंजाब में किसान आंदोलन को उग्र होने से रोका जा सकता था। किसान संगठनों ने पंजाब में जब धरना शुरू किया था तो वह उनकी मांग एमएसपी की पूरी गारंटी और कानूनी विवाद होने पर एसडीएम कोर्ट के बजाय सत्र न्यायालय तक जाने का अधिकार देने की थी लेकिन सही फीडबैक केंद्र को नहीं मिल पाने के कारण हालात खराब हो गए हैं।