उप राज्यपाल मनोज सिन्हा : परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होंगे प्रदेश में चुनाव

जम्मू : जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रदेश में चुनाव होंगे। पहले परिसीमन, फिर चुनाव और उसके बाद राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। यही रोडमैप तय किया गया है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने देश को आश्वस्त किया है कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद चुनाव होंगे। सही समय पर राज्य का दर्जा भी बहाल होगा जिस पर कोई संशय नहीं होना चाहिए। 

एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ होगी। यह संसद में पारित परिसीमन अधिनियम के अनुसार ही होगा, इसलिए इस पर किसी को संशय नहीं होना चाहिए। जम्मू में सीटें बढ़ाए जाने या कश्मीर का राजनीतिक कद घटाए जाने के कयासों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया किसी का दबदबा बढ़ाने या घटाने के मकसद से नहीं की जा रही। किसी दल से इसका कोई लेना देना नहीं है।

प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। उन्होंने कहा कि चुनाव कब होंगे यह निर्वाचन आयोग ही तय करेगा। कहा कि कुछ महीने पहले हुए डीडीसी चुनाव बिना किसी हिंसा के निष्पक्ष तरीके से कराए गए हैं। विधानसभा चुनाव भी पूरी तरह से शांतिपूर्ण व निष्पक्ष कराना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए पूरे प्रदेश में बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है।

35 हजार करोड़ का होगा निवेश, पांच हजार को रोजगार

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के कई कार्य कराए जा रहे हैं। अगले छह से आठ महीने में 35 हजार करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है। इससे पांच हजार बेरोजगारों को रोजगार मिल सकेगा। प्रदेश में पीएमजीएसवाई में बेहतर कार्य हुआ है। कोरोना पर नियंत्रण पाने में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उल्लेखनीय कार्य किया। ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता बढ़ाई गई है। हर जिला अस्पताल और एसोसिएटेड अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाए गए हैं। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। सुरक्षा बलों का इस समय अपर हैंड है। आतंकियों पर शिकंजा कसा गया है। सुरक्षा बल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल है। कुछ छिटपुट आतंकी घटनाएं जरूर हुई हैं, लेकिन आतंकी तंजीमों में युवाओं की भर्ती रुक गई है। 

ड्रोन सुरक्षा के लिए चुनौती

उप राज्यपाल ने कहा कि ड्रोन निश्चित रूप से चुनौती के रूप में सामने है। लेकिन डीआरडीओ ने कई तकनीक विकसित की हैं। सभी महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 

उनके लिए कोई गुपकार गैंग नहीं

उन्होंने कहा कि उनके लिए कोई गुपकार गैंग नहीं है। वे प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलते रहते हैं। वे सभी से प्रदेश की बेहतरी के लिए बात करते हैं। 

देश की एकता-अखंडता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

उप राज्यपाल ने महबूबा के पाकिस्तान से बातचीत करने की वकालत पर कहा कि इसमें कोई हर्ज नहीं है। लेकिन कहा कि देश की एकता व अखंडता के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे वह कोई भी और कितना भी बड़ा क्यों न हो।