मातम का गीत


आज की दुनिया कैसी हो गई,मत पूछो।

प्रेम भावना कहाँ खो गई,मत पूछो।।


मानव तो अब रहा न नेहिल,

बिखर रहे अरमान

प्यार-वफ़ा की रही न क़ीमत,

सोया है इंसान

सारी ही अब हँसी खो गई,मत पूछो।

आज की दुनिया कैसी हो गई,मत पूछो।।


स्वारथ का बाज़ार गर्म है,

बिकता है ईमान

लाशों के ठेके होते हैं,

करुणा का अवसान

सारी दुनिया आज रो गई,मत पूछो।

आज की दुनिया कैसी हो गई,मत पूछो।।


आतंकी घटनाएँ होतीं,

दहशत बढ़ती जाती

मौत कर रही राज आज तो,

मातम की धुन आती

दुनिया क्यों शमशान हो गई,मत पूछो।

आज की दुनिया कैसी हो गई,मत पूछो।।


अपने तक सीमित हैं सारे,

जीवन सूना

पीड़ा का व्यापार हो रहा,

ग़म दूना

खुशी आज अवसान हो गई,मत पूछो।

आज की दुनिया कैसी हो गई,मत पूछो।।


प्रो(डॉ)शरद नारायण खरे

प्राचार्य

शासकीय जेएमसी महिला महाविद्यालय

मंडला,मप्र-481661

 (मो. 9425484382)