ट्रेस टेस्ट ट्रीट मंत्र ने थामा कोरोना: योगी

टीबी, डेंगू, मलेरिया और इंसेफेलाइटिस के मरीजों के लिए घर-घर पर दस्तक 

लखनऊ। एग्रेसिव ट्रेसिंग, टेस्टिंग और त्वरित ट्रीटमेंट के मंत्र से अच्छे परिणाम मिले हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम -9 से विचार विमर्श के दौरान कहा कि हर नए दिन के साथ कोविड महामारी पर नियंत्रण की स्थिति और बेहतर हो रही है। हमे खुश होकर लापरवाह नहीं होना है क्योंकि कोरोना खत्म तो हुआ नहीं, केवल कंट्रोल में है।चूक करेगे तो खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। विगत दिवस 43 जिलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया, जबकि 32 जनपदों में इकाई अंक में मरीज पाए गए। अलीगढ़, ललितपुर और श्रावस्ती में एक भी कोविड मरीज नहीं हैं लेकिन और अधिक सतर्कता की आवश्यकता है। कोरोना संक्रमण की नियंत्रित स्थिति के बाद भी एग्रेसिव ट्रेसिंग और टेस्टिंग जारी रखी जाए। उन्होंने बताया कि अब तक 06 करोड़ 10 लाख 81 हजार से अधिक टेस्ट हो चुके हैं। विगत 24 घंटे में 02 लाख 35 हजार 959 कोविड सैम्पल की जांच की गई और 59 नए मरीजों की पुष्टि हुई, जबकि 149 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। विगत दिवस पॉजिटिविटी दर 0.03 फीसदी रही। वर्तमान में 1,489 एक्टिव केस हैं। 1,189 लोग होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। प्रदेश में कोरोना की रिकवरी दर 98.6 प्रतिशत है। हो गई है। अब तक 16 लाख 83 हजार 319 प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। टीबी के सक्रिय मरीज, डेंगू, फाइलेरिया, मलेरिया और इंसेफेलाइटिस आदि से ग्रसित मरीजों की पहचान और उपचार के लिए घर-घर पर दस्तक अभियान प्रारम्भ हो चुका है। 25 जुलाई तक इस अभियान के दौरान लोगों को स्वच्छता, सैनीटाइजेशन, पोषण युक्त भोजन आदि की महत्ता के प्रति जागरूक किया जाए। नियमित टीकाकरण सत्रों में 02 साल तक के बच्चों को जेई का टीका लगाया जाए। अभियान के संपन्न होने के उपरांत 26 जुलाई से आयुष्मान भारत योजनांतर्गत गोल्डन कार्ड बनाये जाने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाए। केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक खाद्य वस्तुओं के संग्रहण की अधिकतम सीमा तय कर दी गई है। फिर भी कतिपय क्षेत्रों से जमाखोरी की सूचना प्राप्त हो रही है। खाद्य विभाग एक्टिव मोड में रहे। प्रदेश के सभी जनपदों में जमाखोरी के खिलाफ छापामार अभियान चलाया जाए। जमाखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। पारंपरिक कांवड़ यात्रा कोविड प्रोटोकॉल के साथ हो सकेगी।कोविड संक्रमण की स्थिति को देखते हुए कांवड़ संघों से संवाद कर न्यूनतम लोगों की सहभागिता का अनुरोध किया जाए। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड राज्यों से संवाद कर यात्रा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। आवश्यकतानुसार आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता भी लागू की जा सकती है। जन समस्याओं शिकायतों अपेक्षाओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री आवास पर दैनिक जनता दर्शन प्रारंभ हो चुका है। अब मंगलवार के स्थान पर प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय शनिवार को तहसील दिवस तथा द्वितीय और चतुर्थ शनिवार को थाना दिवस का आयोजन किया जाए। तहसील दिवस व थाना दिवस में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों का निराकरण प्रत्येक दशा में अगले 05 दिवस के भीतर करा दिया जाए। तहसीलों के लिए एडीएम और थानों के लिए एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी नामित किया जाए। इन कार्यक्रमों के लिए जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान जवाबदेह होंगे। वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। वरिष्ठ नागरिकों को त्वरित सहायता के लिए संचालित हेल्पलाइन नम्बर 14567 सेवा को और बेहतर किये जाने की जरूरत है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की जाए। कैंसर की समस्या से ग्रस्त अथवा डायलिसिस कराने वाले मरीजों के इलाज में कतई देरी न हो। आशा वर्कर के माध्यम से इनकी सूची तैयार कर, इनसे संवाद स्थापित किया जाए। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयासों के क्रम में सीएचसी पीएचसी स्तर पर हेल्थ एटीएम की स्थापना कराई जाए। विभिन्न औद्योगिक समूहों ने हेल्थ एटीएम उपलब्ध कराने की इच्छा जताई है। ऐसे सभी लोगों से संपर्क कर सहयोग प्राप्त किया जाए। इसे नजदीकी जिला अस्पताल की टेलीकन्सल्टेशन सेवा से भी जोड़ा जाए। कोविड टीकाकरण का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। अब तक 03 करोड़ 77 लाख अधिक वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। इनमें 03 करोड़ 17 लाख 62 हजार से अधिक लोग पहली डोज लेने वाले हैं। वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया जाए। कोविड-19 महामारी के कारण जिन लोगों का असामयिक निधन हुआ है, उन भूमिधरों की वरासत, उनके विधिक उत्तराधिकारियों के पक्ष में खतौनी में दर्ज करने के लिए विशेष वरासत अभियान संचालित किया जा रहा है। 18 जुलाई तक के लिए प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण अभियान को अगले एक सप्ताह के लिए और विस्तार दिया जाए। योजना का लाभ सभी जरूरतमंदों को दिलाया जाए। खतौनी की नकल राजस्व विभाग के अफसरों द्वारा उत्तराधिकारी के आवास पर जाकर ससम्मान हस्तगत करायी जाये।