पंजाब में बिजली के बाद हरियाणा में गहराया पानी का संकट, धरना-प्रदर्शन पर उतरे लोग

पंजाब : मानसून की देरी और बढ़ती गर्मी के चलते हरियाणा में बिजली के साथ पेयजल का संकट भी गहराने लगा है। कई जिलों में तो हालात इतने खराब हो गए हैं कि बिजली और पानी नहीं मिलने के कारण लोग सड़कों पर उतरने लगे हैं और जाम तक लगा रहे हैं। उधर, सरकार का दावा है कि बिजली और पानी की सुचारू आपूर्ति दी जा रही है।

सोनीपत शहर के जमालपुरा के लोगों ने तीन दिन पहले जाम लगा दिया था। वहीं सोमवार को न्यू महावीर कालोनी, श्याम नगर, पुरखास अड्डा, लालदरवाजा, जटवाड़ा, वाल्मीकि बस्ती, वेस्ट रामनगर, भगत सिंह कालोनी में पेयजल संकट से त्रस्त लोगों ने नगर निगम कार्यालय में हंगामा कर रोष जताया था। साथ ही नगर निगम आयुक्त को चेतावनी दी थी। 

शुक्रवार को ही ककरोई, भदाना व खेड़ी दहिया में बिजली-पानी संकट से त्रस्त ककरोई के लोगों ने पावर हाउस पर हंगामा कर रोष जताया था। पहली जुलाई को गढ़ी बिंदरौली में बिजली-पानी संकट से परेशान लोगों ने हरसाना पावर हाउस पर पथराव कर दिया था। सप्ताहभर पहले ही छतेहरा में बिजली-पानी संकट से त्रस्त लोगों ने बहादुरगढ़ हाईवे को जाम रखा था।

नारनौल शहर में पेयजल सप्लाई की राशनिंग की जा रही है। पेयजल की आपूर्ति नहर आने के कारण सुचारु रूप से चल रही है। शहर के लगभग सभी टैंक भरे हुए हैं। फिर भी शहर में लगभग एक दर्जन कालोनियां ऐसी हैं जहां पानी टेल तक नहीं पहुंचा पाता। इसलिए लोग टैंकरों से पानी मंगवाते हैं। नहरों में पिछले एक सप्ताह से पानी चल रहा है। वहीं महेंद्रगढ़ में पिछले दस दिनों से पानी की कोई समस्या नहीं है। नहर आने के बाद शहरवासियों को एक घंटा पानी मिल रहा है।

रेवाड़ी जिला पेयजल के लिए नहरी पानी पर निर्भर है। रेवाड़ी में 6 जून से एक दिन छोड़कर पानी देने के नाम पर तीन-तीन दिन में महज 20 मिनट पानी दिया जा रहा है। पेयजल समस्या को लेकर सोमवार को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के गांव रामपुरा में महिलाओं ने मटका फोड़कर प्रदर्शन किया। मंगलवार को ढालियावास के लोगों ने सचिवालय पहुंचकर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया। 

रेवाड़ी में नहरी पानी 14 दिन चलता है लेकिन इस 26 जून को एक दिन नहरी पानी आने के बाद रोहतक में नहर टूटने से पानी बंद हो गया था। रविवार शाम को दोबारा नहरी पानी पहुंचा है, लेकिन बिजली कटों के चलते अभी तक पेयजल सप्लाई सुचारु नहीं हो पाई है। पूरा जिला पेयजल के लिए नहरी पानी पर निर्भर है लेकिन नहरी पानी 14 दिन चलता है, 24 दिन बंद रहता है। वहीं निर्धारित 725 क्यूसेक मुकाबले 500-500 क्यूसेक पानी ही मिल पा रहा है।

उधर, जींद जिले में पेयजल को लेकर फिलहाल कोई बदलाव नहीं है। हालांकि कई जगह पेयजल को लेकर दिक्कत आ रही है। पिछले सप्ताह ही स्वच्छ पेयजल सप्लाई नहीं होने पर किलाजफरगढ़ गांव की महिलाओं ने दिल्ली-पटियाला राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया था। नहरों में शेड्यूल के अनुसार पानी आ रहा है। 

जींद शहर में जनस्वास्थ्य विभाग भूमिगत पानी सप्लाई कर रहा है। वहीं गांवों में भी ट्यूबवेल की व्यवस्था है। नहरी पानी नहीं होने पर ट्यूबवेल से सप्लाई दी जाती है। उधर, झज्जर में जवाहर लाल नेहरू कैनाल में पानी आ गया है। जिससे क्षेत्र के जलघरों के टैंक भरने लगे हैं। ग्वालीशन, मातनहेल, लकड़िया, अच्छेज, अकेहड़ी मदनपुर, धौड़ गांवों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नलों में पानी न चढ़ने की समस्या है।

बहादुरगढ़ के गणपति धाम औद्योगिक क्षेत्र की 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों और 15 से अधिक रिहायशी कालोनियों को पिछले सप्ताह लगातार छह दिन तक बिजली संकट झेलना पड़ा। इसलिए पानी की कमी भी शहर को करीब 10 दिन से झेलनी पड़ रही है। बहादुरगढ़ वाटर सप्लाई चैनल (माइनर) की सफाई का कार्य चलने की वजह से मुख्य जलघर के टैंकों में पानी नहीं रहा। तीन टैंक पूरी तरह खाली हो गए थे। वार्ड-14 के निवासियों ने गत सोमवार को बालोर मोड़ के निकट नजफगढ़ रोड जाम कर दिया।

रोहतक में छह दिन पहले भालौठ सब ब्रांच नहर जाने के बाद एक दिन बाद ही जेएलएन नहर में पानी आ गया था। अगर किसी भी नहर में पानी नहीं आता तो जन स्वास्थ्य विभाग ने उसके लिए जलघर एक, दो व नहर नाके के किनारे ट्यूबवेल लगवा रखे हैं। शहर में ज्यादातर समस्या पाइप लीकेज के कारण घरों में गंदे पानी की सप्लाई की होती है। अभी जेएलएन नहर आने के कारण सभी जलघरों में पानी है।