नायब तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर से वादा किया निरस्त

उन्नाव। राजस्व निरीक्षक के साथ काम करने वाले प्राइवेट कर्मचारी ने दाखिल खारिज की पत्रावली में नायब तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर करके वाद निरस्त कर दिया। वादी के अधिवक्ता की शिकायत के बाद जांच में मामले की पुष्टि के बाद प्राइवेट कर्मचारी को हटा दिया गया है। राजस्व निरीक्षक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र डीएम को भेजा गया है। हसनगंज तहसील मुख्यालय पर औरास परगना कोर्ट में कार्यरत राजस्व निरीक्षक पीके मिश्रा दिव्यांग हैं। उन्होंने भागदौड़ से बचने के लिए एक प्राइवेट कर्मचारी अखिलेश पाल को रख लिया था। अखिलेश पाल नायब तहसीलदार कोर्ट का भी काम देख रहा था। कोर्ट में रामपुर गढ़ौहा की दुलारे बनाम शिव मूर्ति का वाद चल रहा था। अखिलेश ने नायब तहसीलदार मंजुला मिश्रा की गैर मौजूदगी में दाखिल खारिज वाद में उनके फर्जी साइन करके निरस्त कर दिया। जानकारी होने पर वादी के अधिवक्ता ने एसडीएम ने शिकायत की। एसडीएम ने नायब तहसीलदार से जांच रिपोर्ट तलब की। फर्जी साइन की पुष्टि होते ही नायब तहसीलदार मंजुला मिश्रा ने प्राइवेट कर्मचारी अखिलेश पाल को हटाने के निर्देश दिए। उधर, पीके मिश्रा प्राइवेट कर्मचारी को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे। एसडीएम प्रदीप वर्मा ने बताया कि प्राइवेट कर्मचारी को हटा दिया गया है। राजस्व निरीक्षक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र भेजा गया है।