है नमन गुरुवर चरणों में

आपसे ही पाई हर शिक्षा , हैं देन आपकी ज्ञान मेरे

है नमन गुरुवर चरणों में , आप ही हैं भगवान मेरे

है नमन गुरुवर चरणों में , आप ही हैं भगवान मेरे

कितनी श्रद्धा कितनी बातें कैसे बतलाऊं मैं मन की

आपके दम से ही रोशन हैं गलियां मेरे जीवन की

आपने सच्ची राह दिखाई इस दुनिया में जीने की

ज्ञान आपका धड़क रहा धड़कन में मेरे सीने की

आपके दम से ही हो गए मुश्किल सारे आसान मेरे

है नमन गुरुवर चरणों में , आप ही हैं भगवान मेरे

है नमन गुरुवर चरणों में , आप ही हैं भगवान मेरे

परवाह नहीं की जीवन में क्या पाया क्या ना पाया

पर सफल हुआ जीवन मेरा सानिध्य आपका जो पाया

अहंकार, मद, लोभ और कड़वे वचनों से दूर रहा

था हाथ आपका माथे पर तो दुर्व्यसनों से दूर रहा

नैतिकता का उजाला आपसे है, आप ही अंशुमान मेरे

है नमन गुरुवर चरणों में , आप ही हैं भगवान मेरे

है नमन गुरुवर चरणों में , आप ही हैं भगवान मेरे


विक्रम कुमार

मनोरा , वैशाली