ऐ सनम, हो तुम मेरे

बहकेगा कदम तो

लोग कहेंगे सिरफिरे

चलो साथ मेरे

ले के बाहों के घेरे

ऐ सनम,हो तुम मेरे--2


धड़कता है दिल तो

हिलती जमीं है

खुशगवार है मौसम

और पसरी नमीं है

दहक रहा है बदन

और हो तुम मुंह फेरे

चलो साथ मेरे......


लब्ज खामोश

अजब फिजा है

संग चलने का

गजब मजा है

रिसता आसमां

बरसते रिमझिम फव्वारे

चलो साथ मेरे......


दूर होकर तुमसे

जी नहीं पाऊंगी

जहां तुम जाओगे

वहीं तेरे संग जाऊंगी

जीना मुहाल अब

जानम बिन तेरे

चलो साथ मेरे........


बहकेगा कदम तो

लोग कहेंगे सिरफिरे

चलो साथ मेरे

ले के बाहों के घेरे

ऐ सनम,हो तुम मेरे--2

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राजेंद्र कुमार सिंह

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