नहीं चाहिए आज कुछ तुझसे

नहीं चाहिए आज कुछ तुझसे

सिर्फ इतना बता दे मुझसे

मेरा यार किधर है,मेरा प्यार किधर है

बार-बार निरेख रही हो जिधर

जिस राह पे बिछाई आंखे

तेरा प्यार उधर है,तेरा दिलदार उधर है


सुबह का भूला शाम आ जाए जो

तो उसे कहते नहीं खोया

इतना देर से कराया इंतज़ार

छोड मुझे,कैसे रहा गोया

तेरे अरमानों का मसीहा

तेरा संसार उधर है

जिस राह को देख रही तेरी आंखें

तेरा प्यार उधर है


चलाई ऐसा तुने जादू

शरीर रहे कहीं और

और दिल तेरे बाजू

मेरी बातों पे करना तू गौर

तू मेरे ख्वाबों की रानी

हूं तेरा जान

हो तु मेरी तीर

मैं तेरा कमान

जब से गया मेरा यार

तैर रहा चेहरा उसका

किया मुझको लाचार

ना भटकना अब तू

तेरा उपचार इधर है

जिन रहो पर लगी तेरी आंखें

तेरा प्यार उधर है,तेरा संसार उधर है


नहीं चाहिए आज कुछ तुझसे

सिर्फ इतना बता दे मुझसे

मेरा यार किधर है,मेरा प्यार किधर है

बार-बार निरेख रही हो जिधर

जिस राह पे बिछाई आंखें

तेरा प्यार उधर है,तेरा दिलदार उधर है

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राजेंद्र कुमार सिंह

मेट्रो जोन,नाशिक-09,ईमेल:

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