टीबी मरीजों के घरों की लोकेशन गूगल मैप पर होगी दर्ज

पीलीभीत। देश को टीबी मुक्त करने के लिए शासन प्रशासन पूरे दमखम के साथ जुटा हुआ है। कोरोना काल में भी टीबी मरीजों की तलाश की जा रही थी। अब विभाग ने टीबी मरीजों की जियो टैगिंग शुरू कराई है। यह डाटा 10 जुलाई तक पोर्टल पर अपडेट करना है। इसके लिए क्षय रोग विभाग के सुपरवाइजरों को लगाया गया है। कुल 9313 टीबी मरीजों को डाटा अपलोड होना है। अब तक 60 फीसदी से अधिक डाटा अपलोड कर दिया गया है। शासन के निर्देश पर सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में दर्ज सभी टीबी मरीजों का डाटा और उनके घर की लोकेशन को गूगल मैप और पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश मिले थे। 2019 से लेकर 2021 के अब तक के टीबी मरीजों का डाटा अपलोड करने को कहा गया है। जिले में वर्तमान में 2002 केस एक्टिव चल रहे है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश भट्ट ने बताया कि जियो टैगिंग का काम शुरू कर दिया गया है। यह अभियान आगामी 10 जुलाई तक चलेगा। जियो टैगिंग से पता चल जाएगा कि किस क्षेत्र या गांव में टीबी रोगियों की संख्या अधिक है। जियो टैगिग होने के बाद टीबी रोगी खोजी अभियान के दौरान उस क्षेत्र को विशेष फोकस किया जा सके। शासन का 2025 तक टीबी को मुक्त करने का संकल्प माना है। टैगिंग के लिए सभी ब्लॉकों में सुपरवाइजरों को लगाया गया है। वह मरीजों के घर जाकर उनकी मकान का फोटो क्लिक कर उसको गूगल मैप पर अपलोड कर रहे हैं।