कोरोना प्रभावित बच्चों के सपनों को पंख देगी सरकार , मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में हर माह बच्चे के अभिभावक के खाते में पहुंचेंगे चार हजार रुपये

मथुरा।“बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा, प्यार व अधिकार - सरकार करेगी सपने साकार” के नारे के साथ कोविड-19 प्रभावित जनपद मथुरा के 37 बच्चों को मदद  के लिए  उनके अभिभावकों के बैंक खातों में राशि का अंतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।

प्रदेश में 4050 ऐसे बच्चों को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने कोरोना काल में मार्च 2020 से  माता-पिता दोनों या उनमे से किसी एक को खोया है। मथुरा में इन बच्चो की संख्या 37 है।

मथुरा के जिला प्रोवेशन अधिकारी अनुराग श्याम रस्तोगी ने बताया कि जिले के अनाथ बच्चों में से कुछ ने माता पिता दोनों को खोया है। कुछ ने दोनों में से एक को खोया है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में इन बच्चों के परिवारीजनों को अवगत करा दिया गया है। उनके अभिभावकों के खातों में यह राशि पहुंचनी है। वैसे यूपी में 240 ऐसे बच्चे हैं, जिन्होंने माता-पिता दोनों को खोया है जबकि 3810 बच्चों ने दोनों मे से किसी एक को खोया है। 

ऐसे बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा जिनकी आयु 0 से 18 वर्ष के बीच है। उनके भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कक्षा छह से 12 तक की शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में प्रवेशित कराया जाएगा । 11 से 18 साल के बच्चों की कक्षा-12 तक की मुफ्त शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में भी प्रवेश कराया जाएगा ।

ऐसे वैध संरक्षक को विद्यालयों की तीन माह की अवकाश अवधि के लिए बच्चे की देखभाल हेतु प्रतिमाह 4000 की दर से 12,000 रूपये प्रति वर्ष खाते में दिए जायेंगे। यह राशि कक्षा-12 तक या 18 साल की उम्र जो भी पहले पूर्ण होने तक दी जायेगी। यदि बच्चे के संरक्षक इन विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिलाना चाहते हों तो बच्चों की देखरेख और पढ़ाई के लिए उनको 18 साल का होने तक या कक्षा-12 की शिक्षा पूरी होने तक 4000 रूपये की धनराशि दी जायेगी बशर्ते बच्चे का किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया हो।

 योजना के तहत चिन्हित बालिकाओं के शादी के योग्य होने पर शादी के लिए 1.01 लाख रूपये दिए जायेंगे ।