आराधना

मेरे मन के विचारों में आओ प्रभु,

साथ अपने मुझे भी ले जाओ प्रभु।

सब कहते कि मीरा के गीतों में हो,

साथ मेरे कभी तो गुनगुनाओ प्रभु।

बड़े अचरज भरे यह जीवन के पल,

मेरी राहों से सारे काटे ले जाओ प्रभु।

कुछ भाए न मन को जीवन के क्षण,

अपने चरणों के दर्शन कराओ प्रभु।

तेरी भक्ति के सागर में तृप्ति मिले,

मन के भावों में गोते लगाओ प्रभु।

कोई हंसता नहीं कई चेहरे दुखी ,

साथ उनके कभी मुस्कराओ प्रभु।

तुझमें निष्ठा सदा ही विराजित रहे,

मेरे सपनों को सच्चा बनाओ प्रभु।

प्रणाली श्रीवस्तव,सहडोल-म0प्र0