अर्जेंटीना में नैनो यूरिया प्लांट लगाने के लिए IFFCO ने किया समझौता

सहकारी क्षेत्र की प्रमुख खाद कंपनी इफको अर्जेंटीना और ब्राजील में नैनो यूरिया फर्टिलाइजर प्लांट लगाने जा रहा है। इफको ने बुधवार को कहा कि वह अर्जेंटीना में दो एजेंसियों-आईएनएईएस और कूपरर, के साथ साझेदारी में तरल नैनो यूरिया विनिर्माण संयंत्र की स्थापना करेगी। कंपनी ने एक बयान में कहा कि इफको, आईएनएईएस और कूपरर ने इस संबंध में एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। 

इफको के अनुसार, तीनों पक्ष मिलकर अर्जेंटीना में नैनो यूरिया उर्वरक विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने की व्यवहार्यता का पता लगाएंगे। इससे पहले इफको ने ऐसा ही एक एमओयू ब्राजील के सहकारिता संगठन ओसीबी के साथ किया था। भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) ने 31 मई को तरल रूप में दुनिया का पहला नैनो यूरिया पेश किया था और चालू महीने में इसका उत्पादन भी शुरू हो गया।

इफको के एमडी डॉ. यू एस अवस्थी ने इस मौके को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस समझौते से दोनों देशों के किसानों को लाभ मिलेगा। साथ ही इससे सहकारी समितियां और मजबूत होंगी। उन्होंने कहा, 'इफको नैनो यूरिया तरल पौधों के लिए काफी लाभकारी है। साथ ही यह मिट्टी, जल, और वायु प्रदूषण को कम करता है।' 

ताजा एमओयू पर कूपरर के अध्यक्ष एरियल ग्वार्को, आईएनएईएस के अध्यक्ष एलेक्जेंडर रोइग और इफको के विपणन निदेशक योगेंद्र कुमार ने एक आभासी बैठक में हस्ताक्षर किए। तरल नैनो यूरिया को गुजरात के कलोल में स्थित इफको के नैनो जैवप्रौद्योगिकी शोध केंद्र (एनबीआरसी) में स्वदेशी तकनीक के आधार पर विकसित किया गया है और यह पारंपरिक यूरिया के मुकाबले सस्ती है।