बुंदेलियों ने रामरक्षा सूत्र बांधकर बकस्वाहा जंगल को बचाने हेतु संकल्प लिया

-जंगल ही नही रहेगा तो जीवन कैसे बचेगा - प्रवीण पाण्डेय

खागा।  बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय संयोजक तारा पाटकर,  केन्द्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय और केंद्रीय प्रवक्ता देवब्रत जंगल बचाने बुन्देली अस्मिता जल जंगल जमीन के लिए कर रहे है लगातार आन्दोलन। बुन्देलखण्ड के छतरपुर बकस्वाहा जंगल बचाने के लिए राम रक्षा सूत्र बांध कर पेड़ो पर चिपक कर संकल्प लिया। प्रवीण पाण्डेय ने बताया कि कोरोना महामारी में जिस तरह से आक्सीजन की कमी महसूस की गई उसे देखते हुए अब हीरा खनन के लिए बक्सवाहा जंगल के 2.15 लाख वृक्षों को काटने की अनुमति देना सरकार का आत्मघाती कदम होगा। सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। समिति के राष्ट्रीय संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि यूपी और एमपी के सभी जिलों में हम सभी बुन्देलखण्डवासी 18 जून प्रातः  9रू00 बजे वृक्षों का पूजन  कर रक्षा सूत्र बांधेंगे और उन्हें गले लगाकर वृक्षों की रक्षा एवं वृक्षारोपण का संकल्प लेंगे साथ ही ईश्वर से बक्सवाहा जंगल को बचाने का सामर्थ देने की प्रार्थना करेंगें। केन्द्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी देवब्रत त्रिपाठी ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस संदेश को अपने सभी प्रियजनों तक भेजने में सहयोग करें एवं आप जहां हैं वहीं पेड़ों पर रक्षा सूत्र बांधकर उनको बचाने का संकल्प लें। वृक्ष  है तो जल है,जल है तो कल है। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रवीण पांडेय, देवब्रत त्रिपाठी , राहुल मोदनवाल, ऋषि साहू, अभिषेक सिंह, अनीवेश सिंह, अर्पित कौशल, रितेश गुप्ता आदि रहे।