॥ रिश्तों की हरियाली ॥

प्रेम की खेती दिल में उपजायें

रिश्तों में हरियाली लायें

रंग विरंगा फूल खिलायें

होली और दीवाली मनायें


रिश्तों की हरियाली लायें

खेत खलियानों में गीत गुनगुनायें

पति पत्नी संग बाल गोपाल भी गायें

खुशीयाली का फसल उगायें


रिश्तों की हरियाली लायें

मात पिता संग आनन्द मनायें

दादा दादी को शीश झुकायें

रिश्तों की हरियाली लायें


उदय किशोर साह

मो० पो० जयपुर जिला बांका बिहार

9546115088