खेत का पानी खेत योजना के लिए मेड़बंदी के निर्देश

बांदा। गेहूं खरीद केंद्रों में किसानों के शोषण से खफा भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि केंद्रों में पल्लेदारी और उतराई-छनाई के नाम पर किसानों से अवैध वसूली हो रही है। चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर यूनियन नौ जून को जिला खाद्य विपणन अधिकारी के दफ्तर में धरना देगी। मंडल महासचिव ध्रुव सिंह तोमर की अगुवाई में यूनियन नेताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि केंद्रों में शोषण से किसान परेशान हैं। पल्लेदारी के नाम पर प्रति क्विंटल दो किलो गेहूं या 40 रुपये और उतराई-छनाई में 20 रुपये प्रति क्विंटल वसूले जा रहे हैं। न देने पर किसानों के गेहूं को हाथ नहीं लगाया जाता। यह भी कहा कि पल्लेदारी के टेंडर होने के बाद भी पल्लेदार नहीं हैं। आरोप लगाया कि जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। अधिकारियों को भी गुमराह कर रहे हैं। धान खरीद में भी किसानों का जमकर शोषण हुआ। सीएम समेत कई अफसरों से शिकायतें की गईं, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसान नेताओं ने जांच के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्त करने की मांग की। चेतावनी दी कि किसानों का शोषण बंद न होने और दोषियों पर कार्रवाई न करने पर यूनियन बैनर तले किसान विपणन अधिकारी कार्यालय में नौ जून को धरनाध्पंचायत करेंगे। ज्ञापन देने वालों में बृजेश सिंह, बलराम तिवारी, अजमुद्दीन, रामदास साहू, महेंद्र सिंह, जेपी फौजी आदि थे।