लाखों के बजट से बनें सामुदायिक शौंचालय में अनियमितता का बोल बाला

-बिना पानी कैसा आदर्श शौचालय कैसे हो प्रयोग 

चैडगरा फतेहपुर। जनपद के मलवाँ विकास खण्ड के सौंह ग्राम पंचायत में शाशन के निर्देशन में आदर्श सामुदायिक शौंचालय का निर्माण किया गया था। जिसके लिए ग्राम पंचायतों को बडा बजट भी मिला 

कि तय समय दो माह में  निर्माण कार्य पूरा कर शौंचालय पूर्ण रुप से प्रयोग करनें के लिए ग्राम पंचायत के नागरिकों को सौंपा जा सके। लेकिन धरातल में शाशन के निर्देशों के पालन  करनें के बजाय खाऊ कमाऊ नीति के तहत शौंचालय निर्माण कार्य में धांधली व अनियमितता का बोल बाला हावी रहा। जिससे सौंह गाँव का आदर्श शौंचालय अब तक आधा अधूरा ही बना पाया।निर्माण कार्य, ईंट प्रयोग, की बात छोंड दें तो भी परिसर में ईंटर लाकिंग ईंट को रख कागजी खाना पूर्ति कर जिम्मेदारों नें इतिश्री कर कागजी फरमान पूरा कर दिया शनिवार को आदर्श शौंचालय की पडता करनें पर खुली पोल जहाँ टंकी में पानी गायब दिखा तो दूसरी ओर समर्सिबल से पानी टंकी तक की सीधे पाइपलाइन सप्लाई  नहीं जुडी ऐसे में कैसे हो शौंचालय प्रयोग आदर्श शौंचालय की रंगाई पुताई सहित लगभग चार लाख की कीमत से बना शौचालय सफेद हाँथी बन कर रह गया । 

शौचालय के अन्दर बहार गंदगी का अम्बार देख को भी हैरान व परेशान हो सकता है। ऐसी लापरवाही व उदासीन रवैया से गम्भीर प्रश्न चिन्ह जवाबदेहों की कार्यशैली पर लग रहें है। चोक पडी नाली घूर गोबर के ढेर देख शौंचालय प्रयोग तो दूर की बात रुकना भी मुश्किल पड जाए। पूरे प्रकरण की उच्च अधिकारियों नें यदि जाँच की तो अनियमितता बरतनें वाले लापरवाही गैर जिम्मेदाराना कार्यशैली  मुश्किल खामियाजा भुगतना पड सकता है।

 हद तो तब हो गई जब यह पता चला कि भुगतान भी हो चुका चुनाव के दर्मियान खैर यह तो जाँच का विषय है। सहायक खण्ड विकास अधिकारी मलवाँ दिनेंश चन्द्र पाठक नें बताया  कि भुगतान हो चुका है।  अभी तक आदर्श सामुदायिक शौंचालय प्रयोग न होनें  के कारण की जाँच की जाएगी। पूरे मामले से सम्बंधित जब इस बाबत खण्ड विकास अधिकारी मलवाँ प्रतिमा वर्मा से बात करनें का प्रयास किया गया तो फोन नहीं उठा।