रुलता बचपन

जब चले जाएं माँ- बाप

बनता बच्चों का जीवन शराफ

वाहेगुरु मेहर तुम करना l


ना रोये कोई बच्चा

बिना माँ - बाप, 

कोई ना पकड़े फिर हाथ

वाहेगुरु मेहर तुम करना l


चाची ताई ना बन सके माई

किसी ने ना बिठा के 

रोटी खिलाई

वाहेगुरु मेहर तुम करना l


ना रब्बा कभी मरें 

किसी के माँ बाप

तुम रखना सदा

बच्चों पर हाथ

वाहेगुरु मेहर तुम करना l


करमजीत कौर,शहर-मलोट

जिला श्री मुक्तसर साहिब, पंजाब