कोरोना की दूसरी लहर से उबर रही भारतीय अर्थव्यवस्था के ग्रोथ रेट को मूडीज ने घटाकर 9.6 प्रतिशत कर दिया

नई दिल्ली : कोरोना की दूसरी लहर से उबर रही भारतीय अर्थव्यवस्था के ग्रोथ रेट अनुमान को मूडीज ने घटाकर 9.6 प्रतिशत कर दिया है। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने बुधवार को 2021 के कैलेंडर साल का लिए यह ताजा अनुमान जारी किया है। इससे पहले मूडीज ने अनुमान लगाया था कि इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था 13.9% की तेजी के साथ आगे बढ़ेगी। लेकिन दूसरी लहर के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में लाॅकडाउन लगाना पड़ा, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। मूडीज के अनुसार भारत की ग्रोथ रेट बहुत हद तक अब वैक्सीनेसन पर निर्भर करेगा। 

'मैंक्रोइकोनाॅमिक्स- इंडिया' के शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के संक्रमण की वजह से अप्रैल और मई में लगाए गए लाॅकडाउन ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव डाला है। मूडीज के अनुसार, 'वायरस की दूसरी लहर ने अनिश्चितता बना दी है। हालांकि, यह संभावना है कि यह आर्थिक क्षति अप्रैल से जून की तिमाही के बीच ही रहेगी। 2021 में भारत की अर्थव्यवस्था 9.6 प्रतिशत ग्रोथ रेट के साथ आगे बढ़ेगी। वहीं, 2022 में यह 7 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है।' 

मूडीज ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि भारत की ग्रोथ रेट बहुत हद तक वैक्सीनेसन पर निर्भर करेगी। मूडीज ने कहा है कि जून के तीसरे सप्ताह तक भारत केवल 16 प्रतिशत आबादी को ही टीका लगा पाया था। मूडीज के अनुसार, 'साल की दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था में तेजी देखने को मिल सकती है। क्योंकि टीकाकरण में तेजी आने से अर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी।' 

मूडीज की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछ्ले साल के मुकाबले इस साल आई कोविड-19 की लहर की वजह से नुकसान कम हुआ है। हालांकि, मिडिल क्लास और निम्न आय वर्ग के लोगों की इनकम में गिरावट आई है। बता दें कि पिछले वित्तीय वर्ष में  भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट -7.6 थी।