30 जून को होने वाली उ.प्र. मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ की बैठक को सफल बनाने पर की चर्चा

सहारनपुर। पीर वाली गली स्थित आयशा मॉडल स्कूल में उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ की महत्वपूर्ण बैठक 30 जून की शिक्षक महापंचायत व जनता को अदालत को सफल बनाने के लिए रविंदर गुप्ता की अध्यक्षता व अमजद अली खान एडवोकेट के संचालन में संपन्न हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक मलिक ने कहा कि सरकार का जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है सरकार में पहले चरण में 50 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों को उस समय वैक्सीन लगाई जब प्रथम चरण करुणा का समाप्त हो चुका था फिर दूसरे चरण की वैक्सीन भी 18 से 45 साल के नौजवानों को दूसरी लहर में करुणा काल का कहर बरस चुका है। लाखों नौजवानों को मौत के घाट उतर चुका है उसके बाद वैक्सीन लगाने का काम सरकार ने किया अब तीसरी लहर की बारी में बच्चों पर कहर बरप आने का संकेत मिला है लेकिन सरकार वैक्सीन की व्यवस्था तीसरी लहर समाप्त हो जाएगी।

 तब वैक्सीन लगाएगी सरकार को चाहिए था पहले वैक्सीन  लगाकर बच्चों को सुरक्षित करना चाहिए था और समय पर स्कूलों को खोलने की घोषणा जनहित में छात्रों के हित में देश हित में कर देनी चाहिए थी इस प्रकार सरकार निजी स्कूलों के खिलाफ है वह अपने स्कूलों की संख्या बढ़ाने के लिए लाशों पर खेल रही है वर्तमान सरकार ने चाहे संप्रदायिक दंगे करके सरकार हत्याई हो और उसी की कड़ी में में आज सरकार करुणा की आड़ में निजी स्कूलों का शोषण कर रही है ।

पिछले 2 वर्ष से बंद पड़े स्कूलों में सरकार ने कोई राहत पैकेज नहीं दिया मैं ही सरकार ने निजी स्कूलों के द्वारा निशुल्क बच्चों का आरटीई  शिक्षा के अधिकार अधिनियम में निशुल्क बच्चों को पढ़ा गया  उनका भी करीब 500 करोड़ से अधिक पैसा बकाया है सरकार नहीं दे रही है सरकार ने 1 जुलाई से बिना बच्चों के स्कूल खोलने की घोषणा की है। इसका मतलब बिना ड्राइवर के सरकार गाड़ी चलाना चाहती है ।

इस प्रकार हमारा पूर्व घोषित कार्यक्रम 30 जून तक निजी स्कूलों को आर्थिक राहत पैकेज वह हमारा बकाया आरटीई का पैसा नहीं देगा तो  शिक्षक महापंचायत करके जिला मुख्यालय पर जनता की अदालत में जाएंगे और अपने स्कूल सरकार की गाइड लाइन के अनुसार खोल दिया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व सरकार की होगी।

बैठक को महिला शिक्षिका  संघ की अध्यक्ष डॉक्टर समरीन फातिमा जी वह प्रदेश सचिव अमजद अली खान एडवोकेट ने संबोधित करते हुए कहा की सरकार ने 20 जून तक यू डाइस कोड संख्यिकी की भरने के लिए तुगलकी फरमान जारी कर दिया गया है जबकि स्कूल खोलने की तिथि 1 जुलाई की है यह सरकार बैठे एसी कमरों में उच्च अधिकारियों का दिमागी दिवालियापन का परिणाम है जब शिक्षकों का स्कूल में जाने पर प्रतिबंध लगा हुआ और बिना स्टॉप टीचर  रिकॉर्ड के बिना सांख्यिकी भरना असंभव है।

जिलाध्यक्ष  के पी सिंह महानगर अध्यक्ष गयूर आलम कार्यक्रम आयोजक  मुजाहिद नदीम ने संबोधित करते हुए कहा कि हमारी लड़ाई सरकार से आर पार की होगी हम सभी एकजुटता के साथ जिला प्रशासन को स्कूल खोलने के लिए अल्टीमेटम देकर आएंगे उसके उपरांत भी हम स्कूल खोलने की घोषणा करेंगे जिसमें अभिभावक भी हमारे साथ हुआ आज स्कूल का बच्चा आतंकित शिष्टाचार विहीन संस्कार के विलुप्त होता जा रहा है इस प्रकार देश का भविष्य नौनिहाल का की बदहाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी बैठक को प्रवीण गुप्ता शान इलाही समसी वजाहत अली खान सरफराज खान शमशाद वसीम अख्तर मेहताब अली मास्टर मुकेश, खतीजा बेगम, आसींद मलिक, शराफत अली, मोहम्मद फैजान मोहम्मद दानिश सबा खान मसरूर मोहम्मद अफजल अफनान अहमद आदि उपस्थित रहे।