उत्तराखंड : शारदा नदी का पानी उफनाया, सिंचाई विभाग ने छोड़ा 1.5 लाख क्यूसेक पानी, रेड अलर्ट जारी

देहरादून: उत्तराखंड में शारदा नदी का पानी उफना रहा है. चंपावत के टनकपुर में जलस्तर बढ़ता देख स्थानीय लोग आशंकित हैं. प्रशासन ने नदी के पास रह रहे लोगों से घरों को खाली करने को कहा है. वहीं ऋषिकेश में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने पर लोग सहमे हैं.उत्तराखंड सिंचाई विभाग ने 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा है और इसको लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है. शारदा कैनाल के अधिशासी अभियंता ब्रजेश मौर्या ने यह जानकारी दी है. उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से उफनाई शारदा बैराज उफान पर है.

बनबसा भारत नेपाल बॉर्डर पर बने ब्रिटिश कालीन पूल से उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा डेढ लाख क्यूसेक से ऊपर का पानी बैराज से निकासी की जा रही है.उत्तर प्रदेश कैनाल सिचाई विभाग अधिशासी अभियंता ने बताया कि बैराज पर रेड अलर्ट घोषित किया गया है किसी भी प्रकार की आवाजाही बॉर्डर पर नही की जा रही है छोड़े जा रहे पानी से उत्तराखंड के दो व उत्तरप्रदेश के कई जिले बाढ़ से प्रभावित होने की पूर्ण संभावना है जिसको लेकर उत्तरप्रदेश में बने बाढ़ कंट्रोल रूम पर सचेत करने का काम भी किया जा रहा है.

एसडीएम टनकपुर हिमांशू कफलटिया ने भी शारदा नदी का निरीक्षण किया. उन्होंने शारदा के किनारे रहने वाले 150सौ परिवारों को मकान खाली करने के लिए निर्देश दिए हैं. शारदा के किनारे रहने वालों की प्रशासन ने व्यवस्था की है. 

उत्तराखंड के चंबा जिले में केंद्र सरकार की ‘चार धाम परियोजना'की नवनिर्मित सड़क भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है. केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट और हर मौसम में कारगर सड़क पहली ही बरसात में कई जगह पर जमींदोज हो गई है. ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 94 पर ऑल वेदर प्रोजेक्ट के तहत चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है, चंबा में मज्यूड़ और गुल्डी को जोड़ने के लिए शहर के नीचे 440 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया है.

सुरंग को जोड़ने वाली सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाई और गुल्डी गांव के पास कई मीटर सड़क का हिस्सा जमींदोज हो गया. इस कारण फिलहाल सुरंग को जोड़ने वाली रोड को बंद कर दिया गया है. इस सुरंग का अभी विधिवत उद्घाटन भी नहीं हुआ था, लेकिन उससे पहले ही कार्य की गुणवत्ता व कार्यप्रणाली को लेकर पर सवाल उठने लगे है, स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑल वेदर रोड पर चल रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता न होने के कारण पुश्ते भरभराकर टूट रहे हैं. इससे ग्रामीणों के जान-माल का खतरा भी उत्पन्न हो गया है.

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में घटिया निर्माण कार्य से लोगो के घरो में बड़ी बड़ी दरारे आ रही हैं. भविष्य में कोई भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. ग्रामीणों ने बीआरओ और कार्यदायी कंपनी के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए प्रशासन से ऑल वेदर निर्माण कार्यों की जांच की मांग की है.वही इस मामले में एसडीएम टिहरी ने बताया कि बीआरओ को निर्देशित कर दिया गया है, ऑल वेदर प्रोजेक्ट के तहत गुल्डी गांव या अन्य जगह सड़क या पुश्तों में जो भी कमी रह गई है उस कमी को अच्छी गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा करे.